Iran-US News: ईरान ने रखी 10 सूत्रीय शर्तें, बिना ठोस गारंटी के युद्धविराम से किया इनकार.
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच तेहरान से एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। ईरान के उप विदेश मंत्री मजीद तख्त रवांची ने स्पष्ट किया है कि वे बिना किसी ठोस गारंटी के युद्धविराम के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ईरान केवल ऐसी बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता है जो पारदर्शी हो और जिसमें धोखे की कोई गुंजाइश न हो। यह बयान उस समय आया है जब क्षेत्र में शांति की उम्मीदों पर चर्चा की जा रही है।
ईरान की 10-सूत्रीय योजना में क्या है खास?
ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करने के लिए अपनी 10 मांगें रखी हैं। रवांची के अनुसार, यह योजना ही भविष्य की किसी भी चर्चा का मुख्य आधार बनेगी। ईरान चाहता है कि अमेरिका लिखित में गारंटी दे कि वह भविष्य में दोबारा हमला नहीं करेगा। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण बरकरार रखने और परमाणु क्षेत्र में ईरान के अधिकारों को मान्यता देने की बात कही गई है। सरकार का रुख साफ है कि जब तक पुराने मुद्दों का हल नहीं निकलता, तब तक युद्धविराम का कोई मतलब नहीं है।
युद्धविराम के लिए ईरान द्वारा रखी गई प्रमुख मांगें
ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक बुनियादी मुद्दों का समाधान नहीं होता, तब तक संघर्ष फिर से शुरू होने का खतरा बना रहेगा। ईरान की 10 मांगों में से कुछ प्रमुख मांगों को आप नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं जो वार्ता की मेज पर रखी गई हैं:
| क्र. सं. | ईरान की मुख्य मांगें |
|---|---|
| 1 | अमेरिका भविष्य में हमला न करने की ठोस गारंटी दे |
| 2 | होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का पूर्ण नियंत्रण रहे |
| 3 | ईरान के यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को मान्यता मिले |
| 4 | सभी आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंध पूरी तरह हटाए जाएं |
| 5 | ईरान को हुए नुकसान के लिए मुआवजे का भुगतान किया जाए |
| 6 | क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की पूरी तरह वापसी हो |
मजीद तख्त रवांची ने तेहरान में विदेशी राजदूतों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि ईरान कूटनीति के लिए तैयार है, लेकिन गलत जानकारी या धोखे के आधार पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अमेरिका द्वारा हाल ही में दो सप्ताह के लिए हमले रोकने की घोषणा की गई थी, जिस पर ईरान ने अपनी प्रतिक्रिया में यह शर्तें रखी हैं।




