India में ईरान दूतावास का कार्यक्रम, अयातुल्ला खामेनेई की मौत पर 40वां दिन, पूर्व विदेश मंत्री की मौत पर जताया दुख
New Delhi में स्थित Iranian Embassy ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर अयातुल्ला खामेनेई की मौत के 40वें दिन के शोक स्वरूप ईरान का पवित्र झंडा फहराया गया। इसके साथ ही दूतावास ने ईरान के पूर्व विदेश मंत्री कमाल खाराज़ी की मौत पर भी गहरा दुख जताया। यह पूरा मामला अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे तनाव से जुड़ा है।
अयातुल्ला खामेनेई और कमाल खाराज़ी की मौत कैसे हुई?
ईरान के मुताबिक, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल द्वारा किए गए एक संयुक्त हवाई हमले में हुई थी। वहीं, पूर्व विदेश मंत्री कमाल खाराज़ी 1 अप्रैल 2026 को तेहरान में अपने घर पर हुए हवाई हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान 9 अप्रैल 2026 को उनका निधन हो गया। ईरान ने इन दोनों घटनाओं को अमेरिका और इसराइल की साजिश बताया है।
दूतावास ने क्या कहा और ईरान में अब क्या स्थिति है?
ईरान के दूतावास ने X पर एक पोस्ट साझा कर बताया कि यह कार्यक्रम खामेनेई की शहादत के 40वें दिन आयोजित किया गया था। दूतावास ने कमाल खाराज़ी की मौत को एक आपराधिक कृत्य बताया और कहा कि ईरान अपनी गरिमा और स्वतंत्रता के रास्ते पर चलता रहेगा। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी तेहरान में आयोजित शोक समारोह में हिस्सा लिया।
घटनाक्रम की मुख्य जानकारी नीचे दी गई तालिका में है:
| तारीख | प्रमुख घटना |
|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | अयातुल्ला खामेनेई की हवाई हमले में मौत |
| 1 अप्रैल 2026 | कमाल खाराज़ी हवाई हमले में घायल हुए |
| 9 अप्रैल 2026 | कमाल खाराज़ी की इलाज के दौरान मौत |
| 10 अप्रैल 2026 | New Delhi में ईरान दूतावास द्वारा झंडा फहराने का कार्यक्रम |
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने खामेनेई की मौत को शहादत कहा है। उनकी मौत के बाद ईरान में 40 दिनों का सार्वजनिक शोक और 7 दिनों की राष्ट्रीय छुट्टी घोषित की गई थी। हाल ही में पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों का युद्धविराम भी हुआ था।




