ईरान का नया प्रस्ताव, Strait of Hormuz के लिए देना होगा टोल, पेमेंट अब ईरानी रियाल में होगी
ईरान ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक नया प्रस्ताव पेश किया है। अब इस समुद्री रास्ते का इस्तेमाल करने के लिए टोल टैक्स देना होगा और यह पेमेंट ईरान की अपनी करेंसी रियाल में करनी होगी। इस योजना को ईरान की संसद में रिव्यू किया जा रहा है और इसे मंजूरी मिलने के बाद यह लागू होगा।
टोल टैक्स और पैसों का पूरा हिसाब क्या है?
ईरान की इस योजना के तहत जहाजों से भारी भरकम फीस ली जाएगी। इसके लिए कुछ नियम तय किए गए हैं, जिन्हें नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है:
| विवरण | नियम या राशि |
|---|---|
| बड़े तेल जहाज (VLCC) | 2 मिलियन डॉलर |
| प्रति बैरल शुल्क | 1 डॉलर |
| पेमेंट का तरीका | ईरानी रियाल या क्रिप्टोकरेंसी |
| जरूरी अनुमति | IRGC से परमिट लेना होगा |
| संभावित सालाना कमाई | 70 से 90 बिलियन डॉलर |
किन देशों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है?
ईरान के इस कदम से दुनिया के कई बड़े देश नाराज हैं। ब्रिटेन ने इसे समुद्री रास्ते की हाईजैकिंग बताया है, वहीं यूरोपीय संघ ने भी इस प्रस्ताव की कड़ी निंदा की है। UAE का कहना है कि इस रास्ते को किसी एक देश की बंधक नहीं बनाया जा सकता। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि शांति समझौते के लिए इस रास्ते पर फ्री ट्रैफिक जरूरी है। हालांकि, मलेशिया को इस टोल फीस से छूट दी गई है।
किन जहाजों के आने पर लगेगी रोक?
प्रस्ताव के मुताबिक, इस समुद्री रास्ते पर अब ईरान की सुरक्षा सेनाओं का पूरा कंट्रोल रहेगा। ईरान उन जहाजों को यहां से गुजरने नहीं देगा जो इजराइल जैसे दुश्मन देशों से जुड़े हैं। यह रोक उन जहाजों पर लागू होगी जिनका मालिकाना हक, झंडा या कार्गो इन देशों से जुड़ा होगा। इसका मुख्य मकसद हथियारों की सप्लाई पर नजर रखना और अपनी सुरक्षा बढ़ाना है।




