Islamabad Update: अमेरिका और ईरान के बीच होगी बड़ी बात, पाकिस्तान ने बंद किए स्कूल और सरकारी दफ्तर
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक बड़ी बैठक होने जा रही है। सुरक्षा के कड़े इंतज़ामों के चलते सरकार ने 9 और 10 अप्रैल 2026 को स्कूल और सरकारी दफ्तर बंद कर दिए हैं। सड़कों पर सन्नाटा है और सेना को तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो।
इस्लामाबाद में सुरक्षा के क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
- 9 और 10 अप्रैल को स्कूल और सरकारी दफ्तर बंद रखे गए।
- रेड ज़ोन को पूरी तरह सील कर दिया गया और मुख्य सड़कों पर बैरिकेड्स लगाए गए।
- इस्लामाबाद और रावलपिंडी को जोड़ने वाले रास्तों पर शिपिंग कंटेनर रखकर ट्रैफिक कंट्रोल किया गया।
- भारी वाहनों के आने पर पाबंदी लगाई गई और डिप्लोमैटिक ज़ोन के पास आम लोगों की आवाजाही रोकी गई।
- बातचीत के लिए संभावित जगह सेरेना होटल को 8 अप्रैल को ही खाली करा लिया गया था।
इस मीटिंग में कौन शामिल है और क्या चर्चा होगी?
पाकिस्तान इस बैठक में बिचौलिये की भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर इस पूरी प्रक्रिया की देखरेख कर रहे हैं। अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची अपनी टीम के साथ शामिल हुए हैं। मुख्य मकसद 7 अप्रैल को हुए युद्धविराम को एक स्थायी शांति समझौते में बदलना है। हालांकि, लेबनान के मुद्दे पर अभी भी दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
मार्च में हुए दंगों का क्या असर रहा?
सुरक्षा के इतने कड़े इंतज़ाम इसलिए किए गए क्योंकि मार्च 2026 में पाकिस्तान में काफी हंगामा हुआ था। ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों के विरोध में शिया समूहों ने प्रदर्शन किए थे। इन दंगों में पूरे देश में दो दर्जन से ज़्यादा लोग मारे गए थे। कराची में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास पर हमला करने और आग लगाने की कोशिश की थी, जिसमें 12 लोगों की जान गई थी।




