US Military Deployment: ईरान के साथ शांति की बात, लेकिन अमेरिका ने भेज दिए युद्धपोत और हजारों सैनिक, अब होगा बड़ा एक्शन
अमेरिका और ईरान के बीच शांति की बातें चल रही हैं, लेकिन पर्दे के पीछे अमेरिका अपनी सैन्य ताकत तेज़ी से बढ़ा रहा है। मध्य पूर्व में हजारों नए सैनिक और बड़े युद्धपोत भेजे गए हैं। भले ही पाकिस्तान की मदद से दो हफ्ते का युद्ध विराम हुआ है, लेकिन अमेरिकी सेना किसी भी हमले के लिए पूरी तरह तैयार बैठी है।
अमेरिका ने कौन-कौन सी सैन्य ताकत तैनात की है?
अमेरिकी सेना ने इस इलाके में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर सैनिकों और जहाजों की तैनाती की है। कुल सैनिकों की संख्या अब 50,000 के पार पहुंच गई है, जो पहले के मुकाबले 10,000 ज्यादा है।
| सैन्य यूनिट/जहाज | विवरण |
|---|---|
| 82nd Airborne Division | 1,000 से 3,000 सैनिक तैनात किए गए |
| USS George H.W. Bush | अटलांटिक महासागर से मध्य पूर्व की ओर रवाना |
| USS Boxer | प्रशांत महासागर से आ रहा है, जिसमें हजारों मरीन शामिल हैं |
| USS Tripoli ARG | ताइवान के पास से हटाकर इस इलाके में भेजा गया |
| USS Abraham Lincoln | अरब सागर में ईरान के खिलाफ ऑपरेशन चला रहा है |
| USS Gerald R. Ford | वर्तमान में क्रोएशिया में मरम्मत के लिए रुका है |
| Operation Epic Fury | ईरान की मिसाइल और नौसेना को खत्म करने का लक्ष्य |
युद्ध विराम के बाद भी सेना तैनात क्यों है?
प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि जब तक असली समझौता पूरी तरह लागू नहीं होता, अमेरिकी जहाज और सैनिक वहीं रहेंगे। हालांकि ईरान के साथ युद्ध विराम हुआ है, लेकिन ट्रंप ने Strait of Hormuz के जरिए गुजरने वाले जहाजों से फीस लेने की खबरों पर ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना अगले मिशन के लिए तैयार है और मौके पर तैनात रहेगी।
आम लोगों और प्रवासियों पर क्या होगा असर?
मध्य पूर्व में बढ़ते इस तनाव से वहां रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों में चिंता हो सकती है। Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर किसी भी तरह की रुकावट का असर ग्लोबल व्यापार और तेल की कीमतों पर पड़ेगा। इसके अलावा, इसराइल और लेबनान के बीच लड़ाई अभी भी जारी है, जिससे पूरे क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।




