Islamabad में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता, 10 हजार जवानों ने संभाला मोर्चा, जानें क्या है पूरा मामला
इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता होने जा रही है। सुरक्षा के लिए शहर में 10,000 से ज़्यादा सैनिक और पुलिस तैनात कर दिए गए हैं। शनिवार से शुरू होने वाली इस मीटिंग में दोनों देशों के बड़े नेता हिस्सा लेंगे। इस बातचीत का मकसद युद्ध रोकना और स्थायी शांति लाना है।
बातचीत का तरीका और ईरान की शर्तें क्या हैं?
ये बातचीत ‘प्रॉक्सिमिटी फॉर्मेट’ में होगी, जिसका मतलब है कि अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि आमने-सामने नहीं बैठेंगे। दोनों अलग-अलग कमरों में रहेंगे और पाकिस्तानी अधिकारी उनके बीच संदेश पहुँचाएंगे। ईरान ने अपनी शर्तें रखी हैं, जिसमें लेबनान में युद्ध विराम और उसकी रुकी हुई संपत्ति की वापसी शामिल है।
कौन-कौन हिस्सा ले रहा है और सुरक्षा क्या है?
अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरान की तरफ से संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गलीबाफ मुख्य प्रतिनिधि हैं। सुरक्षा के लिए इस्लामाबाद के रेड ज़ोन को पूरी तरह सील कर दिया गया है और सेरेना होटल के आसपास कड़ी पहरेदारी है। बातचीत को आसान बनाने के लिए पाकिस्तान ने 9 और 10 अप्रैल को स्थानीय छुट्टियाँ घोषित की थीं।
किन मुख्य मुद्दों पर होगी चर्चा?
दोनों देशों के बीच कई गंभीर विषयों पर बात होगी। इनमें सबसे प्रमुख मुद्दे नीचे दिए गए हैं:
| मुख्य मुद्दा | विवरण |
|---|---|
| परमाणु कार्यक्रम | ईरान के यूरेनियम संवर्धन पर चर्चा |
| होर्मुज़ जलडमरूमध्य | समुद्री रास्ते को फिर से खोलना |
| लेबनान विवाद | हिज़बुल्लाह और इसराइल के बीच संघर्ष |
| जमी हुई संपत्ति | ईरान की ब्लॉक की गई संपत्ति की वापसी |




