Israeli Ambassador का बड़ा बयान, हिजबुल्ला के साथ नहीं होगा युद्धविराम, लेबनान सरकार के साथ शुरू होगी शांति वार्ता
इसराइल और हिजबुल्ला के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। वॉशिंगटन में इसराइल के राजदूत Yechiel Leiter ने साफ़ तौर पर कह दिया है कि इसराइल हिजबुल्ला के साथ किसी भी सीजफायर यानी युद्धविराम के लिए राजी नहीं हुआ है। हालांकि, इसराइल लेबनान सरकार के साथ शांति बातचीत करने के लिए तैयार है।
क्या हिजबुल्ला के साथ युद्धविराम होगा?
राजदूत Yechiel Leiter ने बताया कि हिजबुल्ला एक आतंकवादी संगठन है और शांति की राह में सबसे बड़ी रुकावट है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाली बातचीत में हिजबुल्ला के साथ सीजफायर पर कोई चर्चा नहीं होगी। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी सैन्य कार्रवाई जारी रखने की अनुमति दी है और कहा है कि ज़रूरत पड़ने पर हमले जारी रहेंगे।
लेबनान सरकार के साथ कब और कहाँ होगी बातचीत?
इसराइल और लेबनान सरकार के बीच औपचारिक शांति वार्ता 14 अप्रैल 2026 को वॉशिंगटन में अमेरिकी विदेश विभाग में शुरू होगी। इस बातचीत में लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun और इसराइल के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य हिजबुल्ला के हथियारों को खत्म करना और दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करना है।
युद्ध की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव क्या है?
अमेरिका और ईरान के बीच 7 अप्रैल 2026 को सीजफायर हुआ था, लेकिन इसराइल का मानना है कि इसका असर हिजबुल्ला पर नहीं होगा। वहीं ईरान का कहना है कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा है। हालिया हमलों में दोनों तरफ भारी नुकसान हुआ है जिसकी जानकारी नीचे टेबल में दी गई है।
| तारीख | घटना | नुकसान/विवरण |
|---|---|---|
| 8 अप्रैल 2026 | इसराइल के हवाई हमले | 180 से ज़्यादा हिजबुल्ला लड़ाके मारे गए |
| 8 अप्रैल 2026 | लेबनान में हमले का असर | 350 से ज़्यादा मौतें और 1,950 घायल |
| 9 अप्रैल 2026 | हिजबुल्ला का हमला | उत्तरी इसराइल में रॉकेट दागे गए |




