US-Iran Talks: अमेरिका और ईरान की बातचीत पाकिस्तान में शुरू, जेडी वेंस और कालिबाफ पहुंचे इस्लामाबाद
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बड़ी बैठक शुरू हुई है। शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंचे। इस बातचीत का मुख्य मकसद दुनिया में शांति लाना और पुराने विवादों को सुलझाना है। पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों पक्षों के बीच रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है।
दोनों देशों की मुख्य मांगें और शर्तें क्या हैं?
अमेरिका के उपराष्ट्रपति J.D. Vance ने बातचीत को लेकर उम्मीद जताई है, लेकिन साथ ही ईरान को चेतावनी भी दी है। वहीं ईरान के प्रतिनिधिमंडल के नेता मोहम्मद बागेर कालिबाफ ने साफ कहा है कि बातचीत तभी आगे बढ़ेगी जब उनकी दो शर्तें पूरी होंगी।
- अमेरिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी प्राथमिकता ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खुला रखना है।
- ईरान: कालिबाफ ने मांग की है कि लेबनान में इसराइल के साथ युद्धविराम हो और ईरान की जमी हुई संपत्ति को वापस किया जाए।
इस बैठक में कौन लोग शामिल हैं और तरीका क्या है?
यह बातचीत ‘प्रॉक्सिमिटी फॉर्मेट’ में हो रही है। इसका मतलब यह है कि अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि अलग-अलग कमरों में बैठेंगे और पाकिस्तानी अधिकारी संदेशों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाएंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे दोनों देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण मोड़ बताया है।
| पक्ष | प्रमुख सदस्य |
|---|---|
| अमेरिका | J.D. Vance, Jared Kushner, Steve Witkoff |
| ईरान | Mohammad Bagher Qalibaf, Abbas Araghchi |
| पाकिस्तान | Shehbaz Sharif, Ishaq Dar, Asim Munir, Mohsin Naqvi |




