US-Iran Talks: पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान की बड़ी बैठक शुरू, युद्ध रोकने के लिए दुनिया की नजरें इस्लामाबाद पर
दुनिया भर में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बहुत महत्वपूर्ण बातचीत शुरू हो गई है। इस अहम बैठक के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद को चुना गया है, जहाँ दोनों देशों के बड़े नेता जुटे हैं। पिछले एक महीने से चल रही जंग और अस्थिरता को रोकने के लिए यह मीटिंग बहुत जरूरी मानी जा रही है। पूरे शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है ताकि बातचीत शांति से पूरी हो सके।
बैठक में शामिल मुख्य लोग और उनकी मांगें
इस बातचीत की शुरुआत शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को हुई। अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति JD Vance टीम का नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि ईरान की ओर से संसदीय स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस बैठक को शांति के लिए एक निर्णायक मोड़ बताया है।
| पक्ष | मुख्य प्रतिनिधि और शर्तें |
|---|---|
| अमेरिका (US) | JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner |
| ईरान (Iran) | Mohammad Bagher Ghalibaf, Abbas Araghchi |
| ईरान की मांग | लेबनान में तुरंत युद्धविराम और जमी हुई संपत्ति की वापसी |
| अमेरिका की चेतावनी | सीजफायर नियमों का पालन करें, वरना बड़े हमले हो सकते हैं |
| पाकिस्तान का रोल | मेजबान और मध्यस्थ (PM शहबाज शरीफ) |
| मुख्य मुद्दे | परमाणु गतिविधियां और होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण |
दुनिया के अन्य देशों का क्या स्टैंड है
इस मीटिंग के दौरान कई अन्य देशों की भूमिका भी सामने आई है। चीन ने ईरान को बातचीत की मेज पर लाने में मदद की, जबकि मिस्र इस युद्धविराम की गारंटी दे रहा है। हालांकि, कुवैत ने आरोप लगाया है कि 9 अप्रैल को ईरान ने ड्रोन हमले किए थे, जबकि सीजफायर लागू था।
- इजराइल ने साफ कर दिया है कि वह हिजबुल्ला के साथ युद्धविराम पर बात नहीं करेगा।
- संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस बातचीत का स्वागत किया है।
- अगले हफ्ते वाशिंगटन में इजराइल और लेबनान के प्रतिनिधियों की मुलाकात होनी है।
- डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित दो हफ्ते का युद्धविराम 22 अप्रैल 2026 को खत्म होगा।




