S Jaishankar UAE Visit: अबू धाबी पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर, 2032 तक 200 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर 11 से 12 अप्रैल 2026 तक आधिकारिक दौरे पर अबू धाबी पहुंचे हैं. यहां वह यूएई के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे ताकि दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग को और आगे बढ़ाया जा सके. इस दौरे का मुख्य मकसद आपसी व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है.
व्यापार को लेकर क्या है बड़ा लक्ष्य?
भारत और यूएई ने साल 2032 तक अपने आपसी व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है. Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) के लागू होने के बाद व्यापार में काफी तेजी आई है और यह पहले ही 100 अरब डॉलर के पार जा चुका है. गैर-तेल व्यापार में भी काफी बढ़त हुई है जिसमें मुख्य रूप से ये चीजें शामिल हैं:
- खाद्य उत्पाद और फार्मास्यूटिकल्स
- इंजीनियरिंग सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स
- रत्न और आभूषण (Gems and Jewellery)
सुरक्षा और ऊर्जा पर क्या चर्चा हुई?
विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को देखते हुए शांति के लिए बातचीत और कूटनीति बहुत जरूरी है. इस यात्रा को भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए कतर से आने वाले एलएनजी और एलपीजी शिपमेंट का रास्ता बिना किसी रुकावट के खुला रहे. इसके अलावा दोनों देश रक्षा और अंतरिक्ष सहयोग पर भी बात करेंगे.
किन खास प्रोजेक्ट्स पर होगा काम?
दोनों देशों ने कई अहम क्षेत्रों में हाथ मिलाने का फैसला किया है. इसमें ऊर्जा से लेकर डिजिटल बैंकिंग और एआई तक के प्रोजेक्ट शामिल हैं. मुख्य समझौतों की जानकारी नीचे दी गई है:
| क्षेत्र | मुख्य विवरण |
|---|---|
| ऊर्जा समझौता | HPCL और ADNOC गैस के बीच 2028 से सालाना 0.5 मिलियन टन LNG की सप्लाई होगी. |
| डिजिटल और बैंकिंग | गिफ्ट सिटी में फर्स्ट अबू धाबी बैंक और DP वर्ल्ड अपनी शाखाएं खोलेंगे. |
| निवेश | धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र में यूएई हिस्सा लेगा. |
| टेक्नोलॉजी | भारत में एआई (AI) सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर की स्थापना की जाएगी. |
| परमाणु सहयोग | बड़े और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर नागरिक परमाणु सहयोग बढ़ाया जाएगा. |




