US-Iran Deal: अमेरिका छोड़ सकता है ईरान की जमी संपत्ति, इस्लामाबाद में चल रही है युद्धविराम की बातचीत
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद जगी है. खबर है कि अमेरिका ने ईरान की उन संपत्तियों को छोड़ने पर सहमति जताई है जो कतर और अन्य विदेशी बैंकों में जमी हुई थीं. इस मुद्दे पर बातचीत पाकिस्तान के इस्लामाबाद में चल रही है, जहां दोनों देश युद्धविराम के लिए चर्चा कर रहे हैं.
संपत्ति छोड़ने के पीछे क्या शर्तें हैं?
ईरान के एक वरिष्ठ स्रोत ने बताया कि संपत्तियों को अनफ्रीज करना सीधे तौर पर Strait of Hormuz से सुरक्षित रास्ता देने से जुड़ा है. ईरान ने मांग की थी कि दो हफ्ते के भीतर उसकी संपत्ति वापस मिलनी चाहिए. इसके साथ ही कैदियों की अदला-बदली और प्रतिबंधों में ढील की बात भी कही गई थी.
नेताओं ने इस डील पर क्या कहा?
इस मामले पर दोनों देशों के बड़े नेताओं की राय अलग-अलग है:
- JD Vance: अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रहने की उम्मीद है, लेकिन ईरान को चेतावनी दी कि वह अमेरिका को धोखा न दे.
- Mohammad Bagher Ghalibaf: ईरान के संसदीय स्पीकर ने कहा कि लेबनान में युद्धविराम और संपत्ति की रिहाई ऐसे कदम हैं जिन्हें बातचीत शुरू होने से पहले पूरा करना होगा.
- Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के 10 सूत्री प्रस्ताव को ‘होक्स’ बताया और तेहरान को बेईमान कहा.
बातचीत कहाँ और कैसे हो रही है?
वर्तमान में युद्धविराम के लिए बातचीत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो रही है. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का दावा है कि अमेरिका ने उनके 10 सूत्री प्रस्ताव को मान लिया है. हालांकि, अमेरिका की तरफ से अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान नहीं आया है.




