अमेरिका ने किया इनकार, कतर में ईरान का जमा पैसा नहीं किया रिलीज, व्हाइट हाउस ने दी सफाई
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. ईरान का दावा था कि अमेरिका ने कतर में उसके जमा पैसे को खोलने का फैसला किया है, लेकिन व्हाइट हाउस ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है. यह मामला तब सामने आया जब दोनों देश पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता कर रहे थे.
ईरान के पैसों को लेकर क्या है पूरा विवाद?
ईरान के कुछ सूत्रों ने दावा किया था कि अमेरिका ने कतर और अन्य विदेशी बैंकों में जमा उनके 6 अरब डॉलर रिलीज करने पर सहमति जताई है. ईरान ने इसे बातचीत में गंभीरता का संकेत माना था. हालांकि, 11 अप्रैल 2026 को व्हाइट हाउस और अन्य अमेरिकी अधिकारियों ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया. अमेरिका ने साफ किया कि उसने फंड्स को अनफ्रीज करने का कोई समझौता नहीं किया है.
इन पैसों का इतिहास क्या है?
यह पैसा दक्षिण कोरिया को तेल बेचने से मिला था, जिसे 2018 में ट्रंप सरकार ने फ्रीज कर दिया था. सितंबर 2023 में कैदियों की अदला-बदली के दौरान इसे कतर भेजा गया, लेकिन अक्टूबर 2023 में हमास के हमलों के बाद जो बाइडन सरकार ने इसे फिर से फ्रीज कर दिया. अमेरिका का कहना है कि यह पैसा केवल मानवीय मदद जैसे भोजन और दवाओं के लिए इस्तेमाल हो सकता है.
इस्लामाबाद बातचीत और मुख्य बिंदु
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता शुरू हुई है. इस बैठक से पहले 7 अप्रैल को दो हफ्ते का युद्धविराम भी तय हुआ था. इस पूरी प्रक्रिया से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| बातचीत की जगह | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| अमेरिकी प्रतिनिधि | उपराष्ट्रपति JD Vance, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर |
| ईरानी प्रतिनिधि | स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची |
| विवादित राशि | 6 अरब डॉलर (कतर बैंक अकाउंट में) |
| मुख्य शर्त | स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित रास्ता और लेबनान में युद्धविराम |




