US-Iran Talks: पाकिस्तान में आमने-सामने हुए अमेरिका और ईरान, बातचीत के साथ ही ईरान ने कहा उंगली ट्रिगर पर रहेगी
ईरान और अमेरिका के बीच सालों बाद पाकिस्तान के इस्लामाबाद में सीधी बातचीत शुरू हुई है। यह 1979 की क्रांति के बाद दोनों देशों के बीच की सबसे बड़ी मुलाकात है। ईरान ने बातचीत के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल भेजा है, लेकिन साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।
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पाकिस्तान में क्या हो रही है बातचीत और कौन शामिल है
इस बैठक के लिए अमेरिका और ईरान दोनों की बड़ी टीमें इस्लामाबाद पहुंची हैं। अमेरिकी टीम का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance कर रहे हैं, जबकि ईरान की तरफ से संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf टीम की अगुवाई कर रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और विदेश मंत्री Ishaq Dar इस पूरी प्रक्रिया में मदद कर रहे हैं ताकि पश्चिम एशिया में शांति बनी रहे।
ईरान की शर्तें और मुख्य मुद्दे क्या हैं
ईरान ने बातचीत शुरू करने के लिए कुछ कड़ी शर्तें रखी हैं। इसमें लेबनान में युद्धविराम और अपने फंसे हुए पैसों को वापस लेना मुख्य है। इसके अलावा, ईरान ने अपनी संप्रभुता और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी है। ईरान के प्रवक्ता Fatemeh Mohajerani ने कहा कि वे बातचीत तो करेंगे, लेकिन उनकी उंगलियां ट्रिगर पर रहेंगी।
बातचीत की मुख्य बातें और दावे
| विषय | विवरण |
|---|---|
| स्थान | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| मुख्य मुद्दे | परमाणु संवर्धन और व्यापार मार्ग की सुरक्षा |
| ईरान की मांग | लेबनान में युद्धविराम और संपत्ति की वापसी |
| अमेरिकी प्रतिनिधि | JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner |
| ईरानी प्रतिनिधि | Mohammad Bagher Ghalibaf, Abbas Araghchi |
| मौजूदा स्थिति | दो हफ्ते का युद्धविराम लागू है |
| विवाद | फ्रीज्ड एसेट्स की वापसी पर अमेरिका और ईरान के अलग दावे |




