US-Iran Talks: इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की बातचीत शुरू, ट्रंप बोले- नहीं पता क्या नतीजा निकलेगा
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय बाद इस्लामाबाद में बातचीत शुरू हो गई है। 11 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान की धरती पर दोनों देशों के बड़े नेता मिले हैं। साल 1979 के बाद यह सबसे हाई-लेवल मीटिंग है। पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि क्या इन देशों के बीच शांति होगी या तनाव और बढ़ेगा।
ट्रंप की चेतावनी और बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि आज की बातचीत कैसी रहेगी। उन्होंने साफ़ किया कि यह मीटिंग बताएगी कि ईरान नेक नीयत से आया है या नहीं। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर बातचीत फेल हुई तो अमेरिका सबसे बेहतरीन हथियारों और सेना का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि Strait of Hormuz अंतरराष्ट्रीय पानी है और वे इसे दोबारा खोलेंगे।
बातचीत का विवरण और मुख्य सदस्य
इस मीटिंग में अमेरिका और ईरान के बड़े प्रतिनिधि शामिल हुए हैं और पाकिस्तान इसमें मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। मीटिंग से जुड़ी अहम जानकारियां नीचे दी गई टेबल में हैं।
| विवरण | नाम और मांगें |
|---|---|
| अमेरिकी प्रतिनिधि | JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner |
| ईरानी प्रतिनिधि | Mohammad Bagher Ghalibaf, Abbas Araghchi, Ali Akbar Ahmadian, Abdolnaser Hemmati |
| ईरान की मुख्य मांगें | प्रतिबंध हटाना, परमाणु कार्यक्रम की मान्यता, जमी संपत्ति की वापसी, मुआवजा, Strait of Hormuz प्रोटोकॉल |
| पाकिस्तान की भूमिका | PM शहबाज़ शरीफ, विदेश मंत्री Ishaq Dar और जनरल आसिम मुनीर ने मीटिंग कराई |
ईरान की शर्तें और ताज़ा हालात
ईरान ने बातचीत के लिए अपनी शर्तें रखी हैं, जिनमें प्रतिबंध हटाना और अपनी जमी हुई संपत्ति वापस पाना शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ईरानी संपत्तियों को अनफ्रीज करने के लिए तैयार हो गया है। दूसरी तरफ, इसी समय Hizbullah ने इजराइल के ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे क्षेत्रीय माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है।




