US Navy ने पार किया Strait of Hormuz, ईरान से नहीं मिला कोई खतरा, डोनाल्ड ट्रंप बोले रास्ता साफ़ कर रहे हैं
अमेरिका के युद्धपोतों ने शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को Strait of Hormuz को पार किया। यह घटना इसलिए बड़ी है क्योंकि 28 फरवरी को ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार अमेरिकी जहाज यहाँ से गुजरे हैं। US अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान ईरान की तरफ से कोई सीधा हमला या खतरा नहीं मिला और रास्ता बिना किसी रुकावट के पार कर लिया गया।
Strait of Hormuz ट्रांजिट की मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तारीख | 11 अप्रैल 2026 |
| प्रमुख जहाज | USS Michael Murphy और दो डिस्ट्रॉयर्स |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान |
| बातचीत की जगह | इस्लामाबाद |
| युद्ध की शुरुआत | 28 फरवरी 2026 |
| अमेरिकी दावा | कोई सीधा खतरा नहीं मिला |
| ईरानी दावा | एक जहाज चेतावनी के बाद लौटा |
| ट्रंप का दावा | ईरान की 28 माइन नावें डूबीं |
डोनाल्ड ट्रंप का बयान और ईरान का विरोध
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Truth Social पर अपनी बात रखते हुए कहा कि अमेरिका इस समुद्री रास्ते को साफ़ कर रहा है। उन्होंने इसे दुनिया के लिए एक मदद बताया। ट्रंप ने यह भी कहा कि हालांकि ईरानी माइन्स का खतरा अब भी है, लेकिन ईरान की सभी 28 माइन ड्रॉपर नावें अब समुद्र की गहराई में हैं। दूसरी तरफ, ईरान के एक सैन्य अधिकारी ने टीवी पर कहा कि अमेरिकी जहाज यहाँ से नहीं गुजरे और एक जहाज को हमला करने की चेतावनी देकर वापस भेजा गया, लेकिन अमेरिका ने इस दावे को गलत बताया है।
शांति वार्ता और मौजूदा स्थिति
इस ट्रांजिट के दौरान इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता चल रही थी। उपराष्ट्रपति JD Vance इस बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं। बता दें कि 28 फरवरी से यह रास्ता लगभग बंद था और इसे फिर से खोलना युद्धविराम की एक ज़रूरी शर्त थी। इससे पहले मार्च में अमेरिकी नौसेना ने इसे व्यापारिक जहाजों के लिए खतरनाक बताया था, लेकिन अब स्थिति में कुछ बदलाव आया है।




