अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में शुरू हुई सीधी बातचीत, पीएम शहबाज़ शरीफ़ और आर्मी चीफ ने संभाली कमान
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान ने एक बड़ी कोशिश की है। इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत शुरू हो गई है, ताकि दुनिया में शांति बनी रहे। इस शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर अहम भूमिका निभा रहे हैं।
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बातचीत में शामिल मुख्य लोग कौन हैं
इस मीटिंग को सफल बनाने के लिए दोनों देशों ने अपने बड़े नेताओं को भेजा है। पाकिस्तान इस पूरी बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों पक्षों को साथ लाने की कोशिश कर रहा है।
| देश | मुख्य प्रतिनिधि |
|---|---|
| पाकिस्तान | पीएम शहबाज़ शरीफ़, आर्मी चीफ असीम मुनीर, विदेश मंत्री इसहाक डार |
| अमेरिका | वाइस प्रेसिडेंट JD Vance, स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर |
| ईरान | स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अरागची |
ईरान और अमेरिका की मुख्य मांगें क्या हैं
दोनों देशों के बीच बातचीत तो शुरू हुई है, लेकिन शर्तें अब भी कड़ी हैं। ईरान ने साफ किया है कि वह अमेरिका पर पूरी तरह भरोसा नहीं करता और केवल एक असली समझौते पर ही बात करेगा।
- ईरान ने लेबनान में तुरंत सीज़फ़ायर और अपनी जमी हुई संपत्ति वापस मांगी है।
- ईरान की मांग है कि उसे नुकसान की भरपाई मिले और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) खोलने का तरीका तय हो।
- अमेरिका ने अभी तक ईरान की जमी हुई संपत्ति छोड़ने पर कोई सहमति नहीं दी है।
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया कि अमेरिका ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में माइन्स हटाना शुरू कर दिया है।
सीज़फ़ायर और मीटिंग की अवधि का अपडेट
प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने 8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीज़फ़ायर घोषित किया था, जिसमें लेबनान के विवादित इलाके भी शामिल थे। हालांकि, इस बीच लेबनान में इसराइल के हमले जारी रहे। मीटिंग के समय को लेकर भी अलग-अलग खबरें आईं, जहाँ CNN ने इसे कई दिनों की बातचीत बताया, वहीं ईरान की तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने स्पष्ट किया कि यह बातचीत सिर्फ एक दिन की है।




