US-Iran Tension: Strait of Hormuz पर भिड़े अमेरिका और ईरान, वॉशिंगटन ने कहा यह ‘रेड लाइन’ है, नौसेना ने शुरू किया ऑपरेशन
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच सीधी शांति बातचीत शुरू हुई है, लेकिन Strait of Hormuz को लेकर मामला गंभीर हो गया है। अमेरिका ने इस रास्ते को अपनी रेड लाइन बताया है और अपनी नौसेना को वहां सक्रिय कर दिया है। इस घटनाक्रम से पूरे क्षेत्र में हलचल मची हुई है।
अमेरिका ने Strait of Hormuz के लिए क्या कदम उठाए?
राष्ट्रपति Donald Trump ने ऐलान किया कि अमेरिका Strait of Hormuz को पूरी तरह साफ कर रहा है। इस मिशन के लिए USS Frank E. Petersen और USS Michael Murphy नाम के दो युद्धपोत वहां भेजे गए हैं। अमेरिका का कहना है कि वह रास्ते में बिछाई गई बारूदी सुरंगों (mines) को हटाएगा ताकि दुनिया भर के जहाजों का रास्ता खुल सके। अमेरिका ने स्पष्ट किया कि वह ईरान के सहयोग के साथ या बिना सहयोग के इस रास्ते को खोलकर रहेगा।
ईरान की क्या मांगें और रेड लाइन हैं?
ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के सामने अपनी शर्तें रखी हैं। ईरान चाहता है कि Strait of Hormuz पर उसके अधिकार को मान्यता दी जाए और उसे ट्रांजिट फीस वसूल करने का हक मिले। इसके अलावा ईरान ने अपनी जमी हुई संपत्ति को वापस करने और लेबनान में युद्धविराम की मांग की है। ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि अमेरिका के पुराने धोखे के कारण उन्हें इस बातचीत पर बिल्कुल भरोसा नहीं है।
दोनों देशों के दावों में क्या अंतर है?
| विषय | ईरान का दावा (Tasnim) | अमेरिका का दावा (Axios) |
|---|---|---|
| नौसैनिक हलचल | अमेरिकी जहाज को चेतावनी देकर पीछे हटाया गया | कोई चेतावनी नहीं मिली, जहाज वापस नहीं मुड़ा |
| संपत्ति (Assets) | संपत्ति अनफ्रीज करने की कड़ी मांग की | संपत्ति छोड़ने पर कोई सहमति नहीं बनी |
| रास्ता खोलना | अपने अधिकार और नियंत्रण की बात की | नेविगेशन की आजादी को अंतरराष्ट्रीय जरूरत बताया |
| बातचीत का आधार | पूरी तरह अविश्वास के साथ बातचीत शुरू की | 15 सूत्री प्रस्ताव के जरिए समाधान की कोशिश की |




