Netanyahu ने Turkey के राष्ट्रपति पर लगाए गंभीर आरोप, बोले ईरान की मदद कर रहे एर्दोगन, दुनिया में मचा बवाल
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान और उसके साथियों के खिलाफ अपनी जंग जारी रखने का ऐलान किया है। इसी बीच उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे ईरान का साथ दे रहे हैं। नेतन्याहू ने तुर्की सरकार पर कुर्द नागरिकों के कत्लेआम का जिम्मेदार होने का दावा भी किया है।
Netanyahu और Turkey के बीच विवाद की असल वजह क्या है?
नेतन्याहू ने ये बातें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखीं। दरअसल, तुर्की के सरकारी वकील नेतन्याहू और अन्य इजरायली अधिकारियों के खिलाफ जेल की सजा की मांग कर रहे हैं। उन पर मानवता के खिलाफ अपराध और 2025 में ‘सुमुद फ्लोटिला’ को रोकने जैसे आरोप लगे हैं। इसी तनाव के कारण दोनों नेताओं के बीच विवाद बढ़ गया है।
अमेरिका और ईरान की बातचीत में क्या रुकावटें आईं?
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने के लिए आमने-सामने बातचीत शुरू हुई है। अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरान की तरफ से मोहम्मद बागेर कालिबाफ इस बैठक में शामिल हैं। हालांकि, लेबनान में युद्धविराम को लेकर दोनों देशों में गहरी असहमति है। ईरान की मांग है कि लेबनान में भी शांति हो और उसके फ्रीज किए गए पैसे वापस मिलें, लेकिन अमेरिका और इजरायल इस बात पर सहमत नहीं हैं।
लेबनान में तबाही और अमेरिका की चेतावनी
लेबनान में हालात बहुत खराब हैं और इजरायली सेना लगातार हमले कर रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वे युद्धपोतों में सबसे आधुनिक हथियार लाद रहे हैं और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग किया जाएगा। मौजूदा स्थिति का विवरण नीचे दिया गया है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| लेबनान में कुल मौतें | 2,020 |
| लेबनान में कुल घायल | 6,436 |
| इजरायल द्वारा नष्ट किए गए लक्ष्य | 200 से ज्यादा |
| बातचीत का स्थान | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| अमेरिकी प्रतिनिधि | JD Vance |
| ईरानी प्रतिनिधि | मोहम्मद बागेर कालिबाफ |
| युद्धविराम की अवधि | 2 हफ्ते (नाजुक) |




