Strait of Hormuz पर अमेरिका और ईरान में ठनी, ईरान ने संयुक्त प्रबंधन के प्रस्ताव को ठुकराया, बातचीत अब भी जारी
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ताजा खबरों के मुताबिक, ईरान ने Strait of Hormuz के साझा प्रबंधन के लिए अमेरिका द्वारा दिए गए प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। यह जानकारी Financial Times के हवाले से मिली है, जबकि दोनों देशों के प्रतिनिधि पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बातचीत कर रहे हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच मुख्य विवाद क्या है?
अमेरिका चाहता है कि Strait of Hormuz का रास्ता पूरी तरह खुला रहे ताकि जहाजों की आवाजाही में कोई रुकावट न आए। वहीं, ईरान इस रास्ते पर अपना नियंत्रण चाहता है और वहां से गुजरने वाले जहाजों से फीस वसूलने की मांग कर रहा है। ईरान ने अमेरिका के 15 पॉइंट वाले प्लान को मना कर दिया और अपनी 10 पॉइंट की योजना पेश की है।
अब तक की बड़ी घटनाएं और तारीखें
| तारीख | क्या हुआ |
|---|---|
| 7 अप्रैल | ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव को खारिज किया |
| 8 अप्रैल | डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम की बात की, लेकिन ईरान ने रास्ता बंद कर दिया |
| 9 अप्रैल | समुद्री रास्ते से जहाजों का आना-जाना लगभग बंद हो गया |
| 10 अप्रैल | सुप्रीम लीडर खामेनेई ने कहा कि वह युद्ध नहीं चाहते पर झुकेंगे भी नहीं |
| 11 अप्रैल | इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत शुरू हुई |
| 11 अप्रैल | ईरान ने साझा मैनेजमेंट के अमेरिकी प्रस्ताव को ठुकराया |
बातचीत में ईरान की क्या मांगें हैं?
ईरान की ओर से मुख्य राजनयिक Mojtaba Ferdousi Pour ने कहा है कि वह केवल तभी शांति समझौता करेंगे जब उन्हें भविष्य में हमलों के खिलाफ पक्की गारंटी मिले। इसके अलावा, ईरान अपनी जमा पूंजी वापस मांगने और अमेरिकी-इजरायली हमलों से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग भी कर रहा है। फिलहाल दोनों देशों के बीच गहरा अविश्वास बना हुआ है।




