Tehran Synagogue Attack: इसराइल के हमले में तेहरान का ऐतिहासिक सिनेगॉग तबाह, IDF ने बताया कोलैटरल डैमेज
ईरान की राजधानी तेहरान में 7 अप्रैल 2026 को एक बड़ा हवाई हमला हुआ। इस हमले में शहर के ऐतिहासिक Rafi-Niya Synagogue को भारी नुकसान पहुंचा और वह पूरी तरह तबाह हो गया। इस घटना के बाद वहां के यहूदी समुदाय में काफी दुख और गुस्सा है। यह जगह वहां के यहूदियों के लिए आस्था का एक बड़ा केंद्र थी।
हमला कैसे हुआ और किसने जताया विरोध?
यह हमला 7 अप्रैल की सुबह हुआ था। ईरानी सरकारी मीडिया और अधिकारियों ने सीधे तौर पर अमेरिका और इसराइल को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया। ईरान की संसद में यहूदियों के इकलौते प्रतिनिधि Homayoun Sameyah Najafabadi ने इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह हमला यहूदी त्योहारों के दौरान किया गया और इसमें कोई रहम नहीं दिखाया गया। वहीं, Rabbi Younes Hamami Lalehzar ने भी इस तबाही पर दुख जताया और बताया कि मलबे के नीचे सदियों पुराने Torah scrolls दब गए हैं।
इसराइल की सेना (IDF) ने क्या कहा?
इस मामले पर Israel Defense Forces (IDF) ने पुष्टि की कि उन्होंने 7 अप्रैल को तेहरान में एक स्ट्राइक की थी। IDF के मुताबिक उनका असली निशाना Khatam al-Anbiya इमरजेंसी कमांड हेडक्वार्टर में मौजूद एक वरिष्ठ ईरानी कमांडर था। सेना ने कहा कि सिनेगॉग को जो नुकसान हुआ वह ‘collateral damage’ था। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका मकसद किसी धार्मिक स्थल को निशाना बनाना नहीं था और वे नागरिकों को बचाने की कोशिश करते हैं।
हमले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| हमले की तारीख | 7 अप्रैल 2026 |
| प्रभावित स्थल | Rafi-Niya Synagogue, तेहरान |
| मुख्य गवाह | Rabbi Younes Hamami Lalehzar |
| IDF का दावा | सैन्य कमांडर को टारगेट किया गया था |
| UN की प्रतिक्रिया | नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है |




