US Navy vs Iran: हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में भिड़े अमेरिका और ईरान, राष्ट्रपति ट्रंप बोले हमने रास्ता साफ़ करना शुरू कर दिया
दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल लाइनों में से एक हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान का दावा है कि उसने अमेरिकी युद्धपोतों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया, जबकि अमेरिका कह रहा है कि उसके जहाज बिना किसी परेशानी के आगे बढ़ गए। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने इस रास्ते को साफ़ करना शुरू कर दिया है ताकि दुनिया भर के जहाजों को आसानी हो।
ईरान और अमेरिका के दावों में क्या अंतर है?
ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA और तस्नीम न्यूज़ ने खबर दी कि IRGC की चेतावनी और ड्रोन के खतरे के बाद दो अमेरिकी डिस्ट्रॉयर जहाज़ों को पीछे हटना पड़ा। ईरान का कहना है कि एक जहाज़ को 30 मिनट के अंदर हमले की चेतावनी दी गई थी। लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन दावों को गलत बताया है। एडमिरल ब्रैड कूपर ने कन्फर्म किया कि USS Frank E. Peterson और USS Michael Murphy ने रास्ता पार किया और अरब खाड़ी में अपना काम पूरा किया।
अमेरिका का मिशन और तेल जहाजों का हाल
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिकी नेवी समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों (sea mines) को हटाकर रास्ता साफ़ करने के मिशन पर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के माइन-लेइंग जहाज़ तबाह हो चुके हैं और यह रास्ता जल्द ही पूरी तरह खुल जाएगा। इस तनाव के बीच कुछ कमर्शियल जहाजों ने रास्ता पार किया, जिससे तेल की सप्लाई में थोड़ी हलचल दिखी है।
| जहाज़ का प्रकार | देश |
|---|---|
| सुपरटैंकर | चीन (2 जहाज़) |
| LPG टैंकर | भारत |
| कमर्शियल वेसल | ग्रीस |
अंतरराष्ट्रीय नियम और ईरान की पाबंदियां
अंतरराष्ट्रीय कानून (UNCLOS) के हिसाब से इस रास्ते पर सभी जहाजों को आने-जाने का हक है और इसे रोका नहीं जा सकता। लेकिन ईरान ने फरवरी 2026 से इस रास्ते को काफी हद तक बंद कर रखा है। ईरान का कहना है कि अमेरिका और इसराइल से जुड़े देशों के जहाज़ यहाँ से नहीं गुज़र सकते। ईरान इस रास्ते पर अपनी पकड़ मज़बूत करना चाहता है और यहाँ से गुज़रने वाले जहाजों से फीस लेने की तैयारी कर रहा है। फिलहाल पाकिस्तान इस विवाद को सुलझाने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता करा रहा है।




