Iran US Talks: पाकिस्तान में शुरू हुई ईरान और अमेरिका की बातचीत, 10 सूत्रीय प्लान पर होगी चर्चा
ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव अब बातचीत की मेज पर पहुँचा है। 11 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच तीन तरफा बातचीत शुरू हुई। इस बैठक में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दुनिया की नजरें इस शांति प्रयास पर टिकी हैं।
बातचीत में कौन शामिल है और क्या शर्तें हैं?
ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Qalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araghchi इस्लामाबाद पहुँचे हैं। वहीं अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance इस बातचीत का हिस्सा बने हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और आर्मी चीफ ने भी ईरानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की है।
ईरान ने बातचीत के लिए कुछ बुनियादी शर्तें रखी हैं। इसमें लेबनान में इसराइल की तरफ से युद्धविराम और ब्लॉक की गई अपनी संपत्ति को वापस लेना मुख्य है। ईरान का कहना है कि यह बातचीत युद्ध का अंत नहीं बल्कि कूटनीतिक लड़ाई का एक हिस्सा है।
ईरान का 10 सूत्रीय प्लान और रणनीतिक रुख
ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Majid Takht Ravanchi ने बताया कि इन चर्चाओं के लिए ईरान का “10-article plan” आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि ईरान की राष्ट्रीय इच्छाशक्ति के कारण ही विरोधी देशों को अपनी रणनीति बदलने और बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर होना पड़ा।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इस स्थिति को ईरान की एक ऐतिहासिक जीत बताया है। उनका दावा है कि अब अमेरिका को ईरान की शर्तें और गैर-आक्रामकता के प्लान को स्वीकार करना होगा।
क्षेत्रीय तनाव और हालिया हमले
एक तरफ शांति की बातचीत चल रही है, तो दूसरी तरफ जमीन पर हालात अब भी तनावपूर्ण हैं। पिछले 24 घंटों में कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं जिन्हें नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:
| देश/क्षेत्र | ताजा घटनाक्रम |
|---|---|
| इसराइल/लेबनान | इसराइल ने हिजबुल्लाह के 200 से अधिक ठिकानों पर हमले किए |
| कुवैत | ईरान और उसके सहयोगियों पर ड्रोन हमले का आरोप लगाया |
| सऊदी अरब | एक मुख्य पाइपलाइन में नुकसान की खबर मिली |
| ईरान | खाड़ी देशों पर हमले के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया |
इन घटनाओं के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में बातचीत जारी है। दुनिया यह देख रही है कि क्या यह कूटनीतिक कोशिशें मध्य पूर्व में शांति ला पाएंगी या तनाव और बढ़ेगा।




