US Iran Talks: इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच घंटों चली बातचीत, अभी तक कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में बड़े अधिकारियों की बातचीत चल रही है। पाकिस्तान की मदद से दोनों देशों के प्रतिनिधि आमने-सामने बैठे हैं। यह बातचीत शनिवार को शुरू हुई थी जो रविवार सुबह तक खिंच गई, लेकिन अभी तक कोई बड़ा नतीजा सामने नहीं आया है।
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बातचीत में कौन-कौन शामिल था
इन अहम बातचीत में दोनों तरफ से बड़े नेताओं को भेजा गया है। अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance के साथ स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल रहे। वहीं ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने नेतृत्व किया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और जनरल आसिम मुनीर ने इस मीटिंग की मेजबानी की।
| पक्ष | प्रमुख प्रतिनिधि |
|---|---|
| अमेरिका | JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner |
| ईरान | Mohammad Bagher Ghalibaf, Abbas Araghchi |
| पाकिस्तान (मेजबान) | Shehbaz Sharif, General Asim Munir |
किन बड़े मुद्दों पर फंसी है बात
दोनों देशों के बीच कई बातों को लेकर खींचतान चल रही है। अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाए और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना किसी टोल के सभी के लिए खुला रखा जाए। दूसरी तरफ ईरान ने अपनी संपत्ति को मुक्त कराने और लेबनान में युद्धविराम की मांग की है। ईरान इस समुद्री रास्ते पर अपना नियंत्रण और टोल टैक्स जारी रखना चाहता है।
- अमेरिका का प्रस्ताव: 15 पॉइंट का प्लान पेश किया
- ईरान का प्रस्ताव: 10 पॉइंट का प्लान पेश किया
- मुख्य विवाद: होर्मुज जलडमरूमध्य का कंट्रोल और टोल टैक्स
- ईरान की शर्त: लेबनान में सीजफायर और ब्लॉक की गई संपत्ति की वापसी
ताजा हालात और अन्य देशों का असर
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बातचीत कई घंटों तक चली और अमेरिका की स्थिति मजबूत है। वहीं ईरान की मीडिया ने अमेरिकी मांगों को बहुत ज्यादा बताया है। इस बीच कुवैत के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि 9 अप्रैल को ईरान और उसके समर्थकों ने कुवैत की जरूरी जगहों पर ड्रोन हमले किए। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने भी दोनों पक्षों से तनाव कम करने की अपील की है।




