US-Iran Peace Talks: इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बड़ी बातचीत, कमांडर इस्माइल कानी बोले रेजिस्टेंस फ्रंट हुआ और मजबूत
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बड़ी बैठक शुरू हुई है। इस बीच ईरान के IRGC कमांडर इस्माइल कानी ने दावा किया है कि उनका रेजिस्टेंस फ्रंट अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और एकजुट हो गया है। दोनों देशों के बीच कोशिश यह है कि पिछले छह हफ्तों से चले आ रहे नाजुक युद्धविराम को एक स्थायी शांति समझौते में बदला जा सके।
इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की बैठक में क्या हुआ
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल मिले हैं। अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबफ इस बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं। व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि यह सीधी बातचीत है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वे गहरे अविश्वास के साथ बातचीत में आए हैं और किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत की शुरुआत की बात तो मानी है, लेकिन वे इसके परिणाम को लेकर अनिश्चित हैं।
ईरान के कमांडर इस्माइल कानी का बयान और क्षेत्रीय तनाव
IRGC के कमांडर इस्माइल कानी ने कहा कि इसराइल को लगता है कि दबाव डालने से लोग हार मान लेंगे, लेकिन रेजिस्टेंस का कल्चर ऐसा है कि दबाव बढ़ने पर वे और मजबूत होते हैं। इसी बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव भी बढ़ा है, जिसका विवरण नीचे दिया गया है:
- कुवैत में ड्रोन: कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने 10 अप्रैल को बताया कि उन्होंने अपने हवाई क्षेत्र में 7 ईरानी ड्रोन देखे और उन्हें नष्ट किया।
- तेल सप्लाई की धमकी: IRGC ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने उनकी लाल रेखा पार की, तो वे सालों तक तेल और गैस की सप्लाई रोक सकते हैं।
- लेबनान और इसराइल: लेबनान और इसराइल के बीच वाशिंगटन में बातचीत होनी है, लेकिन इसराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि ईरान के साथ युद्धविराम में लेबनान शामिल नहीं है।




