US-Iran Peace Talks: अमेरिका और ईरान की बातचीत रही नाकाम, Strait of Hormuz पर फंसा पेंच
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। दोनों देशों के बीच करीब 20 घंटे तक बातचीत चली, लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने बातचीत के दौरान बहुत ज्यादा मांगें रखी थीं, जिन्हें मानना मुश्किल था।
बातचीत क्यों नाकाम हुई और मुख्य विवाद क्या था?
ईरान की फार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने बातचीत में वह सब कुछ मांग लिया जो वे युद्ध के दौरान हासिल नहीं कर पाए थे। सबसे बड़ा विवाद Strait of Hormuz के नियंत्रण को लेकर रहा। वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता देने को तैयार नहीं था, जिसके कारण यह वार्ता विफल रही।
दोनों देशों की क्या मांगें थीं?
दोनों देशों ने अपनी शर्तों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। अमेरिका ने 15 सूत्री प्रस्ताव दिया था, जबकि ईरान ने अपनी कुछ बुनियादी शर्तें रखी थीं।
| पक्ष | मुख्य मांगें |
|---|---|
| अमेरिका (USA) | परमाणु हथियार न बनाने का वादा, सैन्य क्षमताओं पर रोक, Strait of Hormuz को फिर से खोलना। |
| ईरान (Iran) | लेबनान में युद्धविराम, जमी हुई संपत्ति की वापसी, मध्य पूर्व के सैन्य अड्डों से अमेरिकी सेना की वापसी। |
Strait of Hormuz में सैन्य हलचल और चेतावनी
बातचीत खत्म होने के बाद अमेरिका ने Strait of Hormuz में माइन्स हटाने का काम शुरू कर दिया है। अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोत इस समुद्री रास्ते से गुजरे हैं। इस पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सख्त चेतावनी दी है कि किसी भी सैन्य जहाज के आने पर कड़ा जवाब दिया जाएगा। फिलहाल तकनीकी एक्सपर्ट्स दस्तावेज़ों का आदान-प्रदान कर रहे हैं और भविष्य में बातचीत की संभावना बनी हुई है।




