US-Iran Talks: इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की बातचीत रही अधूरी, JD Vance बिना किसी डील के लौटे वापस
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई हाई-प्रोफाइल बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। करीब 21 घंटे तक चली इस चर्चा के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance बिना किसी डील के वापस लौट गए। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह बातचीत पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और आने वाले समय में फिर से कोशिशें जारी रह सकती हैं।
बातचीत में क्या रहा मुख्य मुद्दा और विवाद
अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ किया कि अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने का ठोस वादा करे। वहीं, ईरान के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा कि सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि ईरान के जायज अधिकारों को स्वीकार किया जाए। दोनों देशों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर भी काफी मतभेद हैं, जो दुनिया भर में तेल की सप्लाई के लिए बहुत जरूरी है।
क्या आगे फिर से होगी बातचीत
विल्सन सेंटर के माइकल कुगेलमैन ने कहा कि अमेरिका बातचीत की मेज से पीछे नहीं हटा है। उनका तर्क है कि अमेरिकी डेलिगेशन में काफी सीनियर अधिकारी शामिल थे, जिससे पता चलता है कि व्हाइट हाउस इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने इस स्थिति को एक लंबी कूटनीतिक प्रक्रिया में एक छोटा सा ब्रेक बताया है।
इस्लामाबाद वार्ता की मुख्य जानकारियां
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| बातचीत की तारीख | 11 और 12 अप्रैल 2026 |
| स्थान | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| अमेरिकी नेतृत्व | उपराष्ट्रपति JD Vance |
| ईरानी नेतृत्व | स्पीकर मोहम्मद बागेर कालिबाफ |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान (पीएम शहबाज शरीफ) |
| कुल समय | करीब 21 घंटे |
| नतीजा | कोई समझौता नहीं हुआ |




