Israel Lebanon Peace Talks: वॉशिंगटन में होगी बड़ी बैठक, नेतन्याहू ने Hezbollah के लिए रखी कड़ी शर्त
Israel और Lebanon के बीच लंबे समय तक चलने वाली शांति के लिए नई कोशिशें शुरू हो गई हैं। Benjamin Netanyahu ने शांति समझौते के लिए कुछ शर्तें रखी हैं और अब वॉशिंगटन में बातचीत होने की उम्मीद है। इस पूरी कोशिश का मकसद इलाके में तनाव को खत्म करना और स्थिरता लाना है। Donald Trump भी इस बढ़ते संघर्ष को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
शांति समझौते के लिए क्या हैं मुख्य शर्तें?
Israeli प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ किया है कि शांति के लिए Hezbollah का निशस्त्रीकरण (disarmament) सबसे जरूरी कदम है। वहीं Lebanon की सरकार का कहना है कि पहले युद्धविराम (ceasefire) होना चाहिए, उसके बाद सैन्य हथियार हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी। Lebanon इस काम के लिए अमेरिका से सैन्य मदद और अपने देश के पुनर्निर्माण के लिए आर्थिक पैकेज की मांग भी करेगा।
ईरान की मांगें और मौजूदा हालात क्या हैं?
ईरान ने अमेरिका और पाकिस्तान के साथ अपनी कुछ शर्तें रखी हैं, जिन्हें वह ‘रेड लाइन्स’ कह रहा है। इसमें हमलों के मुआवजे और अपनी जमी हुई संपत्ति (frozen assets) को वापस मांगना शामिल है। Donald Trump ने संकेत दिया है कि जब तक ईरान के साथ समझौता पूरी तरह लागू नहीं होता, तब तक अमेरिकी सेना मिडिल ईस्ट में ही तैनात रहेगी।
क्षेत्र में तबाही और नुकसान का ब्यौरा
पिछले कुछ समय में इस युद्ध ने भारी तबाही मचाई है। 8 अप्रैल 2026 को हुए हमलों की UN ने कड़ी निंदा की थी। वर्तमान स्थिति और नुकसान की जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| Lebanon में मौतें | 2,000 से ज्यादा |
| ईरान में मौतें | 3,000 |
| हालिया हमले | 11-12 अप्रैल 2026 तक जारी |
| Strait of Hormuz | ईरान के नियंत्रण से तेल निर्यात प्रभावित |
| बातचीत का स्थान | वॉशिंगटन (USA) और पाकिस्तान |




