सऊदी अरब के जुबैल और यनबू शहरों में हुआ भारी निवेश, 1.5 ट्रिलियन रियाल के पार पहुँचा आंकड़ा
सऊदी अरब के जुबैल और यनबू जैसे बड़े औद्योगिक शहरों में निवेश का आंकड़ा बहुत तेज़ी से बढ़ा है। Royal Commission for Jubail and Yanbu की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 के अंत तक यह कुल निवेश 1.5 ट्रिलियन रियाल के पार चला गया। इस बड़े निवेश का मकसद देश में नए उद्योगों को बढ़ावा देना और अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाना है।
जुबैल और यनबू में निवेश का पूरा हिसाब क्या है?
साल 2024 के अंत तक इन शहरों में कुल निवेश 1,457.47 अरब रियाल था। इसमें प्राइवेट सेक्टर की भूमिका सबसे बड़ी रही और उन्होंने 1,222.33 अरब रियाल का योगदान दिया। वहीं Royal Commission ने 235.14 अरब रियाल निवेश किए। छोटे और मध्यम उद्योगों यानी SMEs को सहारा देने के लिए अक्टूबर 2025 में 1.4 अरब रियाल से ज़्यादा का निवेश किया गया था।
इन बड़े प्रोजेक्ट्स से आम लोगों और अर्थव्यवस्था को क्या फायदा होगा?
यह सारा निवेश National Industrial Strategy और NIDLP प्रोग्राम के तहत किया गया है। सरकार चाहती है कि सऊदी अरब दुनिया का एक बड़ा औद्योगिक केंद्र बने ताकि देश सिर्फ तेल पर निर्भर न रहे। इससे नए कारखाने खुलेंगे और उत्पादन बढ़ेगा, जिससे आने वाले समय में रोज़गार के ज़्यादा मौके मिलेंगे। दिसंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, NIDLP सेक्टर की जीडीपी 790 अरब रियाल तक पहुँच गई है, जिसमें 5% की सालाना बढ़ोतरी हुई है।
विदेशी निवेश और नए बाज़ार नियमों का क्या अपडेट है?
सऊदी अरब में विदेशी निवेश (FDI) पिछले कुछ सालों में दोगुना होकर 2024 में 119.2 अरब रियाल तक पहुँच गया। निवेश मंत्री खालिद अल-फालिह ने जानकारी दी कि 1 फरवरी 2026 से सऊदी का फाइनेंशियल मार्केट सभी तरह के विदेशी निवेशकों के लिए खोल दिया गया है। इसके अलावा, Ministry of Industry ने निवेशकों की मदद के लिए एक नई गाइड भी जारी की है, जिससे इन्फ्रास्ट्रक्चर और वर्कफोर्स डेवलपमेंट में आसानी होगी।




