Strait of Hormuz Blockade: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ किया बड़ा ऐलान, समुद्र के रास्ते बंद, जहाजों की एंट्री पर लगा बैन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Strait of Hormuz की पूरी तरह नाकेबंदी का ऐलान कर दिया है। यह बड़ा कदम पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान के साथ हुई शांति वार्ता के विफल होने के बाद उठाया गया। अब अमेरिकी नौसेना वहां से गुजरने वाले जहाजों पर कड़ी नजर रखेगी और सुरक्षा सुनिश्चित होने तक उनके आने-जाने पर रोक लगा सकती है।
ℹ: Trump का बड़ा ऐलान, Strait of Hormuz को बंद करेगी अमेरिकी नेवी, ईरान के साथ बातचीत रही फेल।
शांति वार्ता क्यों रही नाकाम और क्या था विवाद?
12 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पूरी तरह टूट गई। इस वजह से छह हफ्ते से चल रहे युद्ध के बीच लगा दो हफ्ते का युद्धविराम अब खतरे में पड़ गया है। दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई, जिसकी वजह से यह तनाव बढ़ा।
| मुख्य विवाद | ईरान का पक्ष | अमेरिका का पक्ष |
|---|---|---|
| Strait of Hormuz | रास्ते पर नियंत्रण रखना चाहता था | रास्ते को पूरी तरह खोलना चाहता था |
| जमी हुई संपत्ति | 27 अरब डॉलर की वापसी की मांग | पैसे छोड़ने से इनकार किया |
| परमाणु कार्यक्रम | अपनी शर्तों पर बात की | 900 पाउंड यूरेनियम की वापसी मांगी |
अमेरिकी नौसेना अब क्या कदम उठाएगी?
राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को सख्त आदेश दिए हैं कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उन सभी जहाजों को रोका जाए जिन्होंने ईरान को अवैध टोल दिया है। उन्होंने साफ किया कि टोल देने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता नहीं मिलेगा। इसके अलावा, समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को नष्ट करने का भी निर्देश दिया गया है।
- अमेरिकी नौसेना अब जहाजों की एंट्री और एग्जिट को कंट्रोल करेगी।
- USS Gerald Ford और USS Abraham Lincoln जैसे बड़े युद्धपोत इस ऑपरेशन के लिए तैनात रहेंगे।
- ईरान की ओर से किसी भी हमले पर कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
- उपराष्ट्रपति JD Vance ने पाकिस्तान से लौटने के बाद अमेरिका की ‘रेड लाइन्स’ स्पष्ट कर दी हैं।




