US-Iran Talks Fail: अमेरिका करेगा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की नाकेबंदी, पाकिस्तान ने सऊदी भेजे लड़ाकू विमान
US और Iran के बीच इस्लामाबाद में हुई अहम बातचीत नाकाम रही है। इस विफलता के बाद अमेरिका ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की तुरंत नाकेबंदी करने का ऐलान किया है। तनाव बढ़ता देख पाकिस्तान के विदेश मंत्री Mohammad Ishaq Dar ने सऊदी अरब और मिस्र के साथ राजनयिक बातचीत की है ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे।
अमेरिका और ईरान की बातचीत क्यों रही नाकाम
अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि ईरान ने समझौते के लिए अमेरिका की शर्तों को स्वीकार नहीं किया। अमेरिका की मुख्य मांग यह थी कि ईरान परमाणु हथियार या उन्हें बनाने के साधनों की तलाश बंद करे। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि केवल एक सत्र की बातचीत से किसी बड़े समझौते की उम्मीद करना अव्यावहारिक था।
सऊदी अरब और मिस्र के साथ क्या हुई चर्चा
पाकिस्तान के विदेश मंत्री Mohammad Ishaq Dar ने 12 अप्रैल 2026 को सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की। इस बातचीत के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- शांति की अपील: पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते से चल रहे नाजुक युद्धविराम को बनाए रखने का आग्रह किया।
- मध्यस्थता: Mohammad Ishaq Dar ने कहा कि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच एक पुल के रूप में काम करना जारी रखेगा।
- मिस्र का रुख: मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty ने विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और तनाव कम करने की प्रतिबद्धता जताई।
क्षेत्रीय तनाव और पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई
कूटनीतिक कोशिशों के बीच सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। पाकिस्तान ने 11 अप्रैल 2026 को एक आपसी रक्षा समझौते के तहत अपने लड़ाकू विमान सऊदी अरब भेजे। इस कदम को ईरान के लिए एक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी तरफ, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिकी नौसेना अब हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाजों के आने-जाने पर रोक लगाएगी।




