Iran-USA Talks: अमेरिका और ईरान की बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म, पाकिस्तान ने कराई थी मध्यस्थता
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों से चल रही बड़ी बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है। यह बैठक पाकिस्तान की मध्यस्थता में आयोजित की गई थी ताकि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम किया जा सके। करीब 21 घंटे तक चली इस मैराथन मीटिंग में कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन अंत में दोनों पक्ष किसी एक नतीजे पर नहीं पहुँच पाए।
बातचीत क्यों रही नाकाम और क्या थे मुख्य विवाद
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ई ने बताया कि अमेरिका की मांगें बहुत ज़्यादा थीं, जिसकी वजह से समझौता नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि ईरान राष्ट्रीय हितों के लिए बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन सफलता सामने वाले पक्ष की नीयत पर निर्भर करती है। दूसरी तरफ, अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि ईरान परमाणु हथियार छोड़ने की प्रतिबद्धता जताने से मना कर दिया, इसलिए यह बातचीत विफल रही। अमेरिका का दावा है कि उन्होंने अपना सबसे अच्छा और आखिरी प्रस्ताव ईरान के सामने रखा था।
दुनिया के अन्य देशों की प्रतिक्रिया और ताज़ा हालात
इस पूरे मामले पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों की नीतियों की आलोचना की और ईरान की मांगों का समर्थन किया। ओमान के विदेश मंत्री सय्यद बदर अलबुसैदी ने अपील की है कि युद्धविराम को आगे बढ़ाया जाए और बातचीत जारी रखी जाए। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने इस नतीजे पर कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि अमेरिका ने इस बड़े संघर्ष में जीत हासिल की है। क्षेत्र में तनाव के बीच सऊदी अरब ने अपनी ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन फिर से चालू कर दी है और कतर ने शिपिंग नियमों में कुछ ढील दी है।
बैठक में किन प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा
| चर्चा का विषय | विवरण |
|---|---|
| परमाणु कार्यक्रम | अमेरिका ने परमाणु हथियार न बनाने की शर्त रखी थी |
| होर्मुज जलडमरूमध्य | Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही पर बात हुई |
| युद्ध मुआवजा | युद्ध के नुकसान की भरपाई (War Reparations) पर चर्चा हुई |
| प्रतिबंध | ईरान पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाने की बात हुई |
| क्षेत्रीय संघर्ष | क्षेत्र में चल रहे झगड़ों को पूरी तरह खत्म करने पर चर्चा हुई |
| युद्धविराम | मौजूदा अस्थायी युद्धविराम को बनाए रखने पर बात हुई |
| सुरक्षा गारंटी | ईरान ने लंबी अवधि की सुरक्षा गारंटी की मांग की |




