Strait of Hormuz Update: अमेरिका करेगा जहाजों की नाकेबंदी, ईरान ने दी चेतावनी, दुनिया भर में मची हलचल
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Strait of Hormuz की नाकेबंदी करने का बड़ा ऐलान किया है। इस फैसले से समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही रुक सकती है, जिसका सीधा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल की सप्लाई पर पड़ेगा।
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अमेरिका ने नाकेबंदी का फैसला क्यों लिया?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने घोषणा की कि जब तक ईरान जहाजों को आने-जाने की पूरी आजादी नहीं देता, तब तक US Navy इस रास्ते में आने और जाने वाले सभी जहाजों की नाकेबंदी करेगी। अमेरिका का कहना है कि ईरान ने इस समुद्री रास्ते में माइन्स बिछाए हैं। इसी बीच USS Frank E Peterson और USS Michael Murphy जैसे अमेरिकी युद्धपोत वहां से गुजरे, जिन्हें ईरानी सेना ने चुनौती दी। US Central Command अब अंडरवाटर ड्रोन के जरिए माइन्स हटाने और नया रास्ता बनाने की कोशिश कर रहा है।
ईरान और अन्य देशों की क्या प्रतिक्रिया है?
ईरान की IRGC ने चेतावनी दी है कि कोई भी सैन्य जहाज इस रास्ते पर आता है, तो उसे युद्धविराम का उल्लंघन माना जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पूर्व ईरानी वार्ताकार Seyed Hossein Mousavian ने कहा कि अमेरिका द्वारा नाकेबंदी करना एक रणनीतिक गलती होगी। UAE के उद्योग मंत्री Sultan Al Jaber ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि यह रास्ता ईरान का नहीं है कि वह इसे बंद कर दे और यह पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस विवाद के बीच अब तक 22 जहाजों पर हमले हुए हैं और 10 क्रू मेंबर्स की जान गई है।
मुख्य देशों और अधिकारियों का रुख
| नाम या देश | बयान और स्थिति |
|---|---|
| Donald Trump | जहाजों की पूर्ण नाकेबंदी का आदेश दिया |
| IRGC (ईरान) | सैन्य जहाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी |
| Sultan Al Jaber (UAE) | रास्ता बंद करना वैश्विक आर्थिक संकट का कारण बनेगा |
| UK (ब्रिटेन) | नाकेबंदी में साथ नहीं देगा, लेकिन माइन्स स्वीपर भेज सकता है |
| JD Vance और MB Ghalibaf | इस्लामाबाद में बातचीत हुई, लेकिन कोई बड़ा समाधान नहीं निकला |
| Seyed Hossein Mousavian | नाकेबंदी को एक बड़ी रणनीतिक गलती बताया |




