US Justice Department का बड़ा फैसला, ईरानी तेल खरीदने और बेचने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई, ट्रंप प्रशासन ने दी चेतावनी
अमेरिका ने ईरानी तेल के व्यापार को लेकर अपना रुख बहुत सख्त कर लिया है। US Department of Justice ने साफ कहा है कि जो कोई भी पाबंदी वाले ईरानी तेल को खरीदेगा या बेचेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत नाकाम हो गई है।
अमेरिका ने अब यह सख्त कदम क्यों उठाया?
12 अप्रैल 2026 को अमेरिकी न्याय विभाग ने यह चेतावनी जारी की। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फेल होने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने यहाँ तक संकेत दिए हैं कि अगर बातचीत का रास्ता नहीं निकला, तो होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नौसैनिक नाकाबंदी भी की जा सकती है।
क्या ईरानी तेल के लिए कोई छूट मिली थी?
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 20 मार्च से 19 अप्रैल 2026 तक के लिए एक छोटी अवधि की छूट दी थी। यह छूट सिर्फ उस तेल के लिए थी जो 20 मार्च तक जहाजों पर लोड हो चुका था। सरकार का मकसद करीब 140 मिलियन बैरल तेल बाजार में लाकर ऊर्जा की सप्लाई को बनाए रखना और कीमतों को कम रखना था। ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने कहा कि ईरान पर दबाव जारी रहेगा और उसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सिस्टम तक पहुँचने में काफी दिक्कतें आएंगी।
पहले किन पर कार्रवाई हुई है?
अमेरिका ने ईरानी तेल के अवैध नेटवर्क को खत्म करने के लिए पहले भी कई बड़े कदम उठाए हैं।
| नाम/कंपनी | कार्रवाई का समय | विवरण |
|---|---|---|
| Hossein Shamkhani | मार्च 2026 | 15 मिलियन डॉलर की संपत्ति जब्त करने की कोशिश |
| Suez Rajan Limited | सितंबर 2023 | 2.5 मिलियन डॉलर जुर्माना और 9.8 लाख बैरल तेल जब्त |
| IRGC नेटवर्क | फरवरी 2024 | अरबों डॉलर के तेल तस्करी नेटवर्क पर केस दर्ज |




