US-Iran Peace Talks: अमेरिका और ईरान की बातचीत फेल, डोनाल्ड ट्रंप ने लगाया हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी का आदेश
अमेरिका और ईरान के बीच शांति की सारी कोशिशें बेकार चली गईं. इस्लामाबाद में हुई लंबी बातचीत के बाद भी दोनों देश किसी नतीजे पर नहीं पहुँच पाए. इस असफलता के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी का आदेश दे दिया है, जिससे दुनिया भर में तनाव बढ़ गया है.
बातचीत क्यों नहीं हो पाई सफल
इस्लामाबाद में हुई इस मीटिंग में अमेरिका और ईरान के बीच कई मुद्दों पर गहरी असहमति थी. अमेरिका ने ईरान से परमाणु हथियार न बनाने का पक्का वादा मांगा था, जिसे ईरान ने स्वीकार नहीं किया. साथ ही, हमास, हिज़बुल्लाह और हूतियों को मिलने वाली फंडिंग रोकने और जलमार्ग खोलने की शर्तों पर भी दोनों देश एकमत नहीं हो सके. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने बताया कि अमेरिका ने अपना सबसे बेहतर ऑफर दिया था, लेकिन ईरान कोई ठोस प्रतिबद्धता नहीं दे पाया.
ट्रंप का कड़ा फैसला और ईरान का जवाब
बातचीत टूटने के तुरंत बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नौसेना को हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी करने को कहा. उन्होंने साफ़ किया कि जो लोग ईरान को टोल देंगे, उन्हें समुद्र में सुरक्षित रास्ता नहीं मिलेगा. दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि अमेरिका को समझौता करने के लिए अपनी तानाशाही छोड़नी होगी. उन्होंने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से फोन पर बात कर इस मुद्दे पर चर्चा की और कहा कि ईरान शांति चाहता है लेकिन अपने राष्ट्रीय हितों की कीमत पर नहीं.
समझौते और विवाद की मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| बातचीत का स्थान | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| तारीख | 11 और 12 अप्रैल 2026 |
| अमेरिकी प्रतिनिधि | जे.डी. वेंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर |
| ईरानी प्रतिनिधि | मोहम्मद बागर कालिबाफ और अब्बास अराघची |
| मुख्य विवाद | परमाणु हथियार, प्रॉक्सी फंडिंग और जलमार्ग नियंत्रण |
| नतीजा | बातचीत विफल और नौसैनिक नाकेबंदी का आदेश |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान |




