US ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी का किया ऐलान, तेल की कीमतों में भारी उछाल, 104 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने दुनिया भर के तेल बाजार में हलचल मचा दी है। अमेरिका ने घोषणा की है कि वह सोमवार से ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू करेगा। इस खबर के आते ही कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई है, जिसका सीधा असर आने वाले दिनों में आम आदमी की जेब पर पड़ सकता है।
🚨: Trump का बड़ा फैसला, ईरान की समुद्री नाकाबंदी का ऐलान, तेल की बिक्री पर लगेगा ब्रेक।
तेल की कीमतों में कितनी बढ़त हुई?
बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान तेल के दाम तेजी से बढ़े। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों की स्थिति कुछ इस तरह रही:
| तेल का प्रकार | बढ़त | नई कीमत (प्रति बैरल) |
|---|---|---|
| US क्रूड ऑयल | 8% | $104.24 |
| ब्रेंट क्रूड ऑयल | 7% | $102.29 |
अमेरिका ने यह बड़ा कदम क्यों उठाया?
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति बातचीत नाकाम रही। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस नाकाबंदी का ऐलान किया। अमेरिका का कहना है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का इस्तेमाल दुनिया को ब्लैकमेल करने के लिए कर रहा है। US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह नाकाबंदी सोमवार सुबह 10 बजे EDT से लागू होगी। यह नियम उन सभी देशों के जहाजों पर लागू होगा जो ईरानी बंदरगाहों में जा रहे हैं या वहां से निकल रहे हैं।
ईरान और UAE की क्या प्रतिक्रिया है?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य उनके नियंत्रण में रहेगा। उन्होंने साफ किया कि केवल गैर-सैन्य जहाजों को ही रास्ता दिया जाएगा, जबकि सैन्य जहाजों का सामना सख्त कार्रवाई से होगा। दूसरी तरफ, UAE के विदेश मंत्रालय ने इस स्थिति पर नजर रखी है। UAE के राजनयिक सलाहकार अनवर गरगाश ने कहा कि यह समुद्री रास्ता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी है और इसकी सुरक्षा किसी भी कीमत पर सुनिश्चित होनी चाहिए।




