Indian Market Alert: Trump के फैसले से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट की आशंका, Ajay Bagga ने ट्रेडिंग से दूर रहने की सलाह दी
भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला समय काफी तनावपूर्ण हो सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति Trump ने Strait of Hormuz में नेवल ब्लॉकेड लगाने का ऐलान किया है, जिसके बाद बाजारों में डर का माहौल बन गया है। बैंकिंग और मार्केट एक्सपर्ट Ajay Bagga ने निवेशकों को चेतावनी दी है कि वे फिलहाल ट्रेडिंग से दूर रहें क्योंकि भारतीय सूचकांकों में बड़ी गिरावट आने की पूरी संभावना है।
📰: Lebanon में इसराइल का बड़ा हमला, Nabatieh और Maifadoun में हुई बमबारी, कई लोगों की मौत।
शेयर बाजार में गिरावट की मुख्य वजह क्या है?
बाजार में इस घबराहट की सबसे बड़ी वजह Trump का Strait of Hormuz पर सैन्य पाबंदी लगाना है। यह फैसला बातचीत टूटने के बाद लिया गया है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की उम्मीद है, जिसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। घरेलू निवेशक अब रिस्क लेने से बच रहे हैं और बाजार एक ‘रिस्क-ऑफ’ जोन में चला गया है।
मार्केट एक्सपर्ट Ajay Bagga ने क्या चेतावनी दी है?
- ट्रेडिंग से बचें: अजय बग्गा ने साफ कहा है कि भारतीय सूचकांकों में तेज गिरावट आने वाली है, इसलिए अभी ट्रेडिंग न करना ही बेहतर है।
- विदेशी निवेशकों का दबाव: विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) बाजार में शॉर्ट पोजीशन बना रहे हैं, जो कि करीब 83% तक पहुंच गई है।
- GIFT Nifty के संकेत: GIFT Nifty के आंकड़े बता रहे हैं कि भारतीय बाजार की शुरुआत गैप-डाउन यानी काफी नीचे से हो सकती है।
मिडल ईस्ट के तनाव का आम लोगों और प्रवासियों पर क्या असर होगा?
इस संघर्ष का असर सिर्फ शेयर बाजार तक सीमित नहीं रहेगा। Ajay Bagga के अनुसार, इससे तीन बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं। पहला, तेल की कीमतें बढ़ने से देश में महंगाई बढ़ेगी। दूसरा, खाड़ी देशों के साथ व्यापार प्रभावित होगा जिससे भारतीय निर्यातकों को नुकसान होगा। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण, मिडल ईस्ट में काम करने वाले करीब 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा और उनकी नौकरी पर असर पड़ सकता है।
मार्केट के लिए जरूरी लेवल्स क्या हैं?
Kotak Securities के रिसर्च हेड Shrikant Chouhan ने तकनीकी संकेत देते हुए बताया कि Nifty के लिए 22,400 से 22,500 का स्तर बहुत महत्वपूर्ण है। अगर बाजार इस रेंज को तोड़कर नीचे जाता है, तो गिरावट और भी गहरी हो सकती है। हालांकि कुछ सेक्टर मजबूती दिखा रहे हैं, लेकिन ओवरऑल चार्ट नकारात्मक संकेत दे रहा है।




