Women’s Reservation Bill: ओडिशा की डिप्टी सीएम ने किया समर्थन, 2029 चुनाव तक लागू होगा नया कानून, कांग्रेस पर साधा निशाना
ओडिशा की डिप्टी सीएम Pravati Parida ने ‘नारीशक्ति वंदन अधिनियम’ का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने इसे देश में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम बताया है। इस दौरान उन्होंने बिल का विरोध करने के लिए कांग्रेस पार्टी की कड़ी आलोचना भी की और सभी दलों से समर्थन की अपील की।
महिलाओं के आरक्षण बिल से जुड़ी मुख्य जानकारी क्या है?
इस बिल का मुख्य मकसद लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करना है। सरकार इसे जल्द लागू करने के लिए 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने की योजना बना रही है। इससे जुड़ी जरूरी जानकारियां नीचे टेबल में दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आरक्षण का प्रतिशत | 33 प्रतिशत |
| लक्ष्य चुनाव वर्ष | 2029 आम चुनाव |
| लोकसभा सीटों में बदलाव | 543 से बढ़कर 816 हो सकती हैं |
| महिला आरक्षित सीटें | 273 सीटें |
| परिसीमन का आधार | 2011 की जनगणना |
| कैबिनेट मंजूरी तारीख | 8 अप्रैल 2026 |
| पार्लियामेंट स्पेशल सेशन | 16 से 18 अप्रैल 2026 |
सरकार की आगे की तैयारी और नियम क्या हैं?
पार्लियामेंट का विशेष सत्र 16 से 18 अप्रैल 2026 तक चलेगा, जिसमें तीन अहम बिल पेश किए जाएंगे। इनमें संविधान (131वां संशोधन) बिल और परिसीमन बिल शामिल हैं। बीजेपी ने अपने सभी सांसदों के लिए इस सत्र में मौजूद रहना अनिवार्य कर दिया है और इसके लिए थ्री-लाइन व्हिप जारी किया है।
ओडिशा सरकार जागरूकता फैलाने के लिए 12 से 18 अप्रैल 2026 तक कई कार्यक्रम और गैर-राजनीतिक पदयात्राएं आयोजित करेगी। डिप्टी सीएम Pravati Parida ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रयासों से महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और बराबरी का अधिकार मिल रहा है। उन्होंने इस बिल को महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक सही समय बताया है।




