US President Donald Trump का बड़ा ऐलान, ईरान की समुद्री नाकेबंदी शुरू, तेल की कीमतें $103 के पार
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी (naval blockade) का आदेश दिया है। यह फैसला परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही शांति बातचीत टूटने के बाद लिया गया। इस खबर के आते ही दुनिया भर के बाजारों में हलचल मच गई और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया।
ईरान की नाकेबंदी का नियम क्या है और यह कब से लागू हुआ?
राष्ट्रपति Donald Trump ने 12 अप्रैल 2026 को Truth Social के जरिए इस फैसले की घोषणा की थी। US Central Command (CENTCOM) ने इसकी पुष्टि की है कि यह नाकेबंदी 13 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे (ET) से लागू हो गई है। इसके तहत ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों में आने-जाने वाले सभी जहाजों पर रोक लगाई जाएगी। हालांकि, गैर-ईरानी बंदरगाहों के लिए Strait of Hormuz का रास्ता खुला रहेगा और वहां नेविगेशन पर कोई पाबंदी नहीं होगी।
तेल की कीमतों और बाजार पर क्या असर पड़ा?
नाकेबंदी के लागू होते ही Brent crude तेल की कीमतों में 8% से ज्यादा की तेजी आई और यह 103 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया। इस तनाव का असर शेयर बाजार पर भी दिखा, जिससे China और Hong Kong के मार्केट में गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल Strait of Hormuz से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई है।
दुनिया भर की प्रतिक्रिया और कानूनी स्थिति क्या है?
अंतरराष्ट्रीय कानून के जानकारों और American Society of International Law का कहना है कि समुद्री नाकेबंदी को युद्ध की कार्रवाई माना जाता है। ईरान की IRGC ने चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz में किसी भी गलत कदम को युद्ध की तरह देखा जाएगा। साथ ही, ईरान की Tasnim न्यूज एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि वह Yemen के Houthis को Bab al-Mandeb जलमार्ग में दोबारा हमले शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।




