इसराइल और लेबनान के बीच 43 साल बाद पहली बार बातचीत, अमेरिका की मदद से दोनों देशों के राजदूतों ने किया फोन कॉल
इसराइल और लेबनान के रिश्तों में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दोनों देशों के अमेरिका में तैनात राजदूतों, Yechiel Leiter और Nada Hamadeh Moawad के बीच पहली बार फोन पर बातचीत हुई है। यह आधिकारिक संपर्क साल 1983 के बाद पहली बार हुआ है, जिसे अमेरिकी सरकार की मदद से संभव बनाया गया है।
बातचीत में कौन शामिल थे और उनकी क्या भूमिका है?
इस फोन कॉल में इसराइल के राजदूत Yechiel Leiter और लेबनान की राजदूत Nada Hamadeh Moawad शामिल थीं। Leiter एक इतिहासकार और रब्बी हैं, जो पहले बेंजामिन नेतन्याहू के चीफ ऑफ स्टाफ रह चुके हैं। वहीं, Moawad वर्ल्ड बैंक में मैनेजर रह चुकी हैं और हेल्थकेयर सेक्टर से जुड़ी रही हैं। इस पूरी प्रक्रिया में अमेरिका के राजदूत Michel Issa ने मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभाई है, जिन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह जिम्मेदारी सौंपी थी।
दोनों देशों की क्या मांगें हैं और आगे क्या होगा?
इसराइल ने स्पष्ट किया है कि वह आतंकवादी संगठन Hezbollah के साथ युद्धविराम पर बात नहीं करेगा, लेकिन लेबनान सरकार के साथ औपचारिक शांति वार्ता के लिए तैयार है। इसराइल चाहता है कि Hezbollah के हथियार डाले जाएं और दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण संबंध बनें। वहीं, लेबनान की राजदूत Moawad ने बातचीत शुरू करने के लिए सबसे पहले तुरंत युद्धविराम करने की मांग की है। अब 14 अप्रैल 2026 को वाशिंगटन में एक आमने-सामने की मीटिंग होगी, जिसमें युद्धविराम और आगे की बातचीत का समय तय किया जाएगा।
बातचीत से जुड़ी मुख्य जानकारियों की लिस्ट
इस पूरे घटनाक्रम और दोनों देशों के बीच चल रही हलचल की मुख्य बातें नीचे टेबल में दी गई हैं:
| विषय | विवरण |
|---|---|
| फोन कॉल की तारीख | 10 अप्रैल 2026 |
| पिछली आधिकारिक बातचीत | साल 1983 |
| अगली मीटिंग की तारीख | 14 अप्रैल 2026 |
| मीटिंग की जगह | US State Department, वाशिंगटन |
| मुख्य मध्यस्थ देश | अमेरिका (US) |
| इसराइल का लक्ष्य | Hezbollah का निशस्त्रीकरण |
| लेबनान की मांग | तत्काल युद्धविराम (Ceasefire) |
| हालिया तनाव | 9 अप्रैल के हमलों में 254 लोगों की मौत |




