ईरान और सऊदी विदेश मंत्री के बीच हुई फोन पर बात, अमेरिका के साथ बातचीत टूटी, इस्लामाबाद में नहीं बन पाया कोई समझौता
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान के बीच फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत और इलाके में शांति बहाली पर चर्चा की। हालांकि, पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई लंबी बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है।
ईरान और सऊदी अरब की बातचीत में क्या हुआ?
9 अप्रैल 2026 को दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने फोन पर बात की। यह बातचीत पिछले कुछ समय में हुए तनाव और हमलों के बाद पहली आधिकारिक मुलाकात थी। अराघची ने सऊदी मंत्री को अमेरिका के साथ चल रही परमाणु मुद्दों और युद्धविराम की बातचीत की जानकारी दी। सऊदी अरब ने इस बात का समर्थन किया कि इलाके में शांति बनी रहे और लड़ाइयां पूरी तरह खत्म हों।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत क्यों नहीं हो पाई?
इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे तक बातचीत चली, लेकिन 12 अप्रैल को यह बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। ईरान के विदेश मंत्री ने बताया कि समझौता होने ही वाला था, लेकिन अमेरिका की जिद और शर्तों के बदलने की वजह से बात नहीं बनी। ईरान ने पहले ही कहा था कि अमेरिका पर भरोसा करना मुश्किल है क्योंकि पिछली बातचीत के दौरान उन पर हमले हुए थे।
दोनों देशों की क्या मांगें थीं?
बातचीत के दौरान ईरान और अमेरिका दोनों ने अपनी शर्तें रखी थीं, जिनमें काफी अंतर था। मुख्य मांगें नीचे दी गई टेबल में हैं:
| ईरान की मांग | अमेरिका की मांग |
|---|---|
| युद्ध का पूरी तरह अंत हो | परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगे |
| होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण रहे | होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोला जाए |
| क्षेत्रीय सहयोगियों पर हमले बंद हों | सुरक्षा शर्तों का सख्त पालन हो |




