Gaza Aid Flotilla: गाज़ा के लिए निकला दुनिया का सबसे बड़ा जहाज़ दस्ता, बार्सिलोना से शुरू हुआ सफर, 17 देशों ने जताई चिंता
गाज़ा में मानवीय मदद पहुँचाने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा नागरिक जहाज़ दस्ता ‘Global Sumud Flotilla’ बार्सिलोना से रवाना हो गया है। इस मिशन में दुनिया भर के हज़ारों लोग शामिल हैं जो समुद्र के रास्ते मदद पहुँचाना चाहते हैं। आयोजकों का कहना है कि यह अब तक का सबसे बड़ा अभियान है और रास्ते में और भी जहाज़ इसमें जुड़ेंगे।
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इस मिशन का मुख्य मकसद क्या है और इसमें कौन शामिल है?
इस अभियान का मकसद गाज़ा की घेराबंदी को चुनौती देना और वहाँ के लोगों के लिए समुद्र और ज़मीन के रास्ते मानवीय गलियारा खोलना है। इसमें 100 देशों के 3,000 से ज़्यादा लोग हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 1,000 वॉलंटियर्स, डॉक्टर, इंजीनियर और वकील शामिल हैं। Greenpeace का जहाज़ ‘Arctic Sunrise’ और Open Arms भी इस दस्ते का हिस्सा हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रस्थान शहर | बार्सिलोना |
| कुल जहाज़ | लगभग 100 |
| कुल प्रतिभागी | 3,000 से अधिक |
| शामिल देश | 100 देश |
| मुख्य सहयोगी | Greenpeace, Open Arms |
| गाज़ा पहुँचने की तिथि | करीब 20 अप्रैल 2026 |
सफर का समय और आगे की क्या योजना है?
यह दस्ता 12 अप्रैल 2026 को बार्सिलोना से निकला था। तय योजना के मुताबिक, यह दस्ता दक्षिण इटली में एक हफ्ते के लिए रुकेगा जहाँ लोगों को अहिंसा की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद करीब 20 अप्रैल 2026 तक यह जहाज़ों का समूह अंतर्राष्ट्रीय पानी से होते हुए गाज़ा की ओर बढ़ेगा।
इस मिशन पर दुनिया और इसराइल की क्या प्रतिक्रिया है?
Amnesty International और 17 देशों के विदेश मंत्रियों ने इस दस्ते की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और अंतर्राष्ट्रीय कानून मानने की अपील की है। दूसरी तरफ, इसराइल के अधिकारियों ने इस मिशन के मानवीय होने पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ऐसे अभियानों का इस्तेमाल केवल बाहरी दबाव बनाने के लिए किया जाता है और उन्होंने मदद रोकने की बात से इनकार किया है।




