US और Iran के बीच बातचीत नहीं बनी, अब पाकिस्तान बचाएगा truce, खत्म होने से पहले डील की कोशिश
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई लंबी बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है. अब पाकिस्तान एक बार फिर बीच-बचाव कर रहा है ताकि चल रहा truce यानी युद्धविराम खत्म होने से पहले दोनों देश किसी समझौते पर पहुँच सकें. इस पूरे मामले पर सऊदी अरब भी करीब से नज़र रखे हुए है और बातचीत जारी है.
बातचीत क्यों रही नाकाम और क्या हैं मुख्य विवाद
अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि ईरान परमाणु हथियारों की होड़ को रोकने के लिए प्रतिबद्ध नहीं था, जो सबसे बड़ी समस्या बनी. वहीं ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि अमेरिका की माँगें बहुत ज़्यादा थीं और उन पर भरोसा नहीं किया जा सका. दोनों पक्षों के बीच कई गंभीर मुद्दों पर असहमति रही, जिसके कारण 21 घंटे चली मीटिंग बिना किसी समझौते के खत्म हुई.
किन मुद्दों पर फंसा है पेंच
| विवाद के मुद्दे | विवरण |
|---|---|
| यूरेनियम संवर्धन | ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन बंद करना |
| परमाणु केंद्र | संवर्धन सुविधाओं को पूरी तरह हटाना |
| हाई यूरेनियम | ज़्यादा संवर्धित यूरेनियम को बाहर निकालना |
| सुरक्षा ढांचा | शांति और सुरक्षा के व्यापक फ्रेमवर्क को मानना |
| प्रॉक्सी फंडिंग | अपने मददगार गुटों को पैसा देना बंद करना |
| होर्मुज़ जलडमरूमध्य | बिना किसी फीस के जलमार्ग को पूरी तरह खोलना |
अब आगे क्या होगा और पाकिस्तान की क्या भूमिका है
पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने दोनों देशों से अपील की है कि वे युद्धविराम का पालन करें और बातचीत जारी रखें. एक पाकिस्तानी अधिकारी ने कन्फर्म किया है कि वे अमेरिका और ईरान के बीच की दूरियों को कम करने के लिए लगातार संपर्क में हैं. इस बीच सऊदी विदेश मंत्री ने भी ईरान के विदेश मंत्री से बात कर मौजूदा हालात पर चर्चा की है ताकि तनाव को कम किया जा सके.




