Bahrain ने बुलाया इराक के राजनयिक को, ड्रोन हमलों पर जताई नाराजगी, सऊदी अरब भी कर चुका है ऐसी ही कार्रवाई
बहरीन सरकार ने इराक के राजनयिक को बुलाकर कड़ा विरोध जताया है। सोमवार को यह कार्रवाई इराक की जमीन से होने वाले ड्रोन हमलों के बाद की गई। इन हमलों का निशाना बहरीन और खाड़ी के अन्य देश बने हुए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
बहरीन ने इराक से क्या कहा?
बहरीन के विदेश मंत्रालय ने मनमा में इराक के चार्ज डी अफेयर्स को बुलाया। सरकार ने उन्हें एक औपचारिक विरोध पत्र सौंपा और कहा कि इराक इन खतरों को तुरंत और जिम्मेदारी से रोके। बहरीन ने साफ किया कि वह अपनी सुरक्षा और स्थिरता को बचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का पूरा हक रखता है।
सऊदी अरब ने भी की वैसी ही कार्रवाई
बहरीन से एक दिन पहले रविवार को सऊदी अरब ने भी इराक के राजदूत को बुलाया था। सऊदी अरब ने भी इसी मुद्दे पर इराक के खिलाफ अपनी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। दोनों देशों का कहना है कि इराक की धरती का इस्तेमाल ड्रोन हमलों के लिए किया जा रहा है।
अब तक कितने हमले हुए और किसने किए?
जानकारी के मुताबिक ये हमले इराक में मौजूद ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों ने किए हैं। 28 फरवरी से खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले लगातार हो रहे हैं। हमले और बचाव के आंकड़े नीचे दिए गए हैं:
| विवरण | संख्या (11 अप्रैल तक) |
|---|---|
| रोकी गई मिसाइलें | 194 |
| रोके गए ड्रोन | 516 |
बहरीन डिफेंस फोर्स ने 11 अप्रैल को पुष्टि की कि उनकी सभी यूनिट और हथियार पूरी तरह तैयार हैं। सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी हमले का जवाब दिया जा सके।




