Noida Sector-84 में कंपनी पर भीड़ का हमला, गाड़ियों के शीशे तोड़े और गेट तोड़ने की कोशिश, पुलिस ने संभाला मोर्चा
नोएडा के सेक्टर-84 में सोमवार को भारी तनाव देखा गया जब एक कंपनी पर बड़ी संख्या में लोगों ने हमला कर दिया. करीब 100 से 150 लोगों की भीड़ ने कंपनी परिसर में पथराव किया और वहां खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए. इस हिंसा के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए भारी बल तैनात करना पड़ा.
हमला कैसे हुआ और क्या था नुकसान
कंपनी के फैसिलिटी मैनेजर Vivek Saraswat ने बताया कि सुबह के समय भीड़ ने अचानक हमला किया और पत्थरबाजी शुरू कर दी. प्रदर्शनकारियों ने कंपनी के मुख्य गेट को तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से चल रहे मजदूर विरोध प्रदर्शनों की वजह से कंपनी को अस्थायी रूप से बंद रखा गया था, फिर भी हमला हुआ.
मजदूरों की मांगें और पुलिस की कार्रवाई
उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि इस हिंसा को भड़काने में बाहरी तत्वों का हाथ था. DGP Rajeev Krishna ने पुष्टि की कि पुलिस उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने भीड़ को उकसाया और जल्द ही उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने यह भी साफ किया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए केवल न्यूनतम बल का उपयोग किया गया और कोई फायरिंग नहीं हुई.
| मजदूरों की प्रमुख मांगें | विवरण |
|---|---|
| काम के घंटे | निश्चित वर्किंग ऑवर्स तय हों |
| ओवरटाइम पेमेंट | ओवरटाइम का सही पैसा मिले |
| न्यूनतम वेतन | 10,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये किया जाए |
| लेबर नियम | श्रम नियमों का सख्ती से पालन हो |
राजनीतिक प्रतिक्रिया और शहर का हाल
इस घटना पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख Akhilesh Yadav ने सरकार की आलोचना की और इसे महंगाई और बेरोजगारी का नतीजा बताया. वहीं, इस हंगामे की वजह से नोएडा लिंक रोड और DND फ्लाईवे जैसे मुख्य रास्तों पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी हुई. उत्तर प्रदेश सरकार ने अब औद्योगिक विवादों को सुलझाने के लिए एक हाई-पावर्ड कमेटी का गठन किया है.




