ईरान का बड़ा फैसला, महिला फुटबॉल कप्तान Zahra Ghanbari की संपत्ति वापस की, पहले लगाया था गद्दार का ठप्पा
ईरान की सरकार ने महिला फुटबॉल टीम की कप्तान Zahra Ghanbari की जब्त की गई संपत्ति को वापस करने का फैसला किया है। यह कदम तब उठाया गया जब खिलाड़ी ने ऑस्ट्रेलिया में शरण लेने की अर्जी वापस लेकर अपने देश लौटने का निर्णय लिया। ईरानी न्यायपालिका ने इस फैसले को खिलाड़ी के व्यवहार में आए बदलाव और उनके निर्दोष होने की घोषणा के बाद लागू किया है।
Zahra Ghanbari की संपत्ति क्यों जब्त की गई थी?
ईरान की अदालत ने 12 अप्रैल 2026 को Zahra Ghanbari और करीब 400 अन्य लोगों की संपत्ति को फ्रीज करने का आदेश दिया था। इन लोगों पर विपक्षी दलों का समर्थन करने और देश के साथ गद्दारी करने का आरोप लगाया गया था। यह कार्रवाई उस समय शुरू हुई जब महिला फुटबॉल टीम के कुछ खिलाड़ियों ने मैच के दौरान राष्ट्रगान गाने से इनकार कर दिया था।
ऑस्ट्रेलिया में शरण और वापसी का पूरा मामला क्या है?
- मार्च 2026: Zahra Ghanbari और उनके कुछ साथियों ने ऑस्ट्रेलिया में राजनीतिक शरण के लिए आवेदन किया था।
- विवाद की वजह: राष्ट्रगान न गाने के बाद उन्हें ‘गद्दार’ कहा गया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
- वापसी: 15 या 16 मार्च को उन्होंने अपनी शरण की अर्जी वापस ली और वापस ईरान लौट आईं।
- सरकारी नजरिया: ईरान के सरकारी मीडिया ने उनकी वापसी को एक ‘देशभक्ति वाला फैसला’ और ‘वतन की गोद में वापसी’ बताया।
मानवाधिकार संगठनों ने क्या आरोप लगाए हैं?
कई अधिकार समूहों और पूर्व खिलाड़ियों का दावा है कि ईरानी अधिकारियों ने खिलाड़ियों पर दबाव बनाने के लिए उनके रिश्तेदारों को धमकी दी थी। आरोप है कि संपत्ति जब्त करने के डर से उन्हें ऑस्ट्रेलिया छोड़ने और वापस लौटने के लिए मजबूर किया गया। इस बीच, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों को अपनी पसंद चुनने और सुरक्षित भविष्य के लिए सभी विकल्प दिए गए थे।




