South Korea Warning: बढ़ेंगे तेल के दाम और बिगड़ेगी सप्लाई चेन, राष्ट्रपति Lee Jae Myung ने दी बड़ी चेतावनी
South Korea के राष्ट्रपति Lee Jae Myung ने चेतावनी दी है कि तेल की ऊंची कीमतें और सामान की सप्लाई में आने वाली दिक्कतें कुछ समय तक बनी रहेंगी। उन्होंने इसके लिए Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव को जिम्मेदार ठहराया है। इस संकट का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है।
तेल की कीमतों और सप्लाई चेन पर क्या असर हुआ है?
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे विवाद की वजह से Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। इससे तेल की सप्लाई कम हुई है और दुनिया भर में महंगाई बढ़ रही है। इसका सीधा असर गाड़ियों के पुर्जों, इलेक्ट्रॉनिक सामान और खेती-बाड़ी में इस्तेमाल होने वाले यूरिया खाद की कीमतों पर पड़ा है।
| विवरण | असर/आंकड़ा |
|---|---|
| Brent Crude तेल की कीमत | 13% की बढ़त |
| ग्लोबल ऑयल फ्लो (तेल प्रवाह) | 20% हिस्सा बाधित |
| रास्ता बदलने से समय की देरी | 1 से 3 हफ्ते ज्यादा |
| फंसे हुए कोरियाई जहाज | 26 जहाज |
| फंसे हुए कोरियाई क्रू मेंबर्स | 173 लोग |
| प्रभावित सेक्टर | ऑटो, इलेक्ट्रॉनिक्स, एग्रीकल्चर |
साउथ कोरिया अपनी अर्थव्यवस्था और जहाजों को कैसे बचा रहा है?
साउथ कोरियाई सरकार इस समय अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित है। राष्ट्रपति Lee Jae Myung ने कैबिनेट मीटिंग में एक मजबूत इमरजेंसी सिस्टम बनाने पर जोर दिया है। सरकार ने ईरान के साथ बातचीत शुरू कर दी है ताकि वहां फंसे अपने जहाजों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित वापस लाया जा सके। इसके लिए एक खास दूत Chung Byung-ha को ईरान भेजा गया है।
- साउथ कोरिया सऊदी अरब, ओमान और अल्जीरिया जैसे देशों से वैकल्पिक रास्तों के लिए बात कर रहा है।
- इंडस्ट्री मिनिस्टर Kim Jung-kwan ने इस स्थिति की तुलना युद्ध के समय से की है और इसे अब तक का सबसे बड़ा सप्लाई चेन व्यवधान बताया है।
- सरकार उन कमजोरियों को दूर करने की कोशिश कर रही है जिससे देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो सकता है।




