Qatar-Iran Deal: कतर ने नकारा ईरान के साथ हमला रोकने का समझौता, कहा हम पैसे नहीं देते
कतर सरकार ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि ईरान के साथ हमलों को रोकने के लिए कोई गुप्त समझौता हुआ है. कतर के विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि वह अपने इलाके पर होने वाले हमलों को रोकने के लिए ईरान को कोई पैसा नहीं देता है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है और ईरान ने कई अरब देशों पर आरोप लगाए हैं.
कतर ने ईरान के दावों को क्यों नकारा?
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed al-Ansari ने कहा कि कतर ईरान को हमले रोकने के लिए कोई भुगतान नहीं करता है. उन्होंने बताया कि कतर ईरानी हमलों को बीच में ही रोक देता है और किसी भी खाड़ी देश पर हमला सभी देशों पर हमला माना जाएगा. इससे पहले कतर के प्रधानमंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman al-Thani ने ईरान के विदेश मंत्री के उन दावों को खारिज किया था, जिनमें कहा गया था कि हमले केवल अमेरिकी ठिकानों पर हुए थे और आम लोगों को निशाना नहीं बनाया गया था.
ईरान और कतर के बीच ताजा विवाद क्या है?
14 अप्रैल 2026 को ईरान ने कतर समेत पांच अरब देशों से मुआवजे की मांग की थी. ईरान का आरोप था कि इन देशों ने अमेरिका और इसराइल के हमलों में हिस्सा लिया था. हालांकि, पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ था. कतर के अधिकारियों का कहना है कि इस समझौते के बाद ईरानी हमले कम जरूर हुए हैं, लेकिन वे पूरी तरह से बंद नहीं हुए हैं.




