PoGB चुनाव में धांधली का आरोप, Senge Sering ने लगाया बड़ा दावा, 7 जून को होगी वोटिंग
पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान (PoGB) में चुनाव को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मानवाधिकार कार्यकर्ता और Institute for Gilgit-Baltistan Studies के अध्यक्ष Senge Sering ने वहां की चुनाव प्रक्रिया में धांधली और हेरफेर के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ये चुनाव किसी तय कानूनी ढांचे के बिना कराए जा रहे हैं। इसी बीच चुनाव आयोग ने जून 2026 के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया है।
PoGB चुनाव 2026 की जरूरी तारीखें क्या हैं?
गिलगित-बाल्टिस्तान चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनावों के लिए नया शेड्यूल जारी किया है। इसमें नामांकन से लेकर वोटिंग तक की पूरी समयसीमा तय की गई है। चुनाव की मुख्य तारीखें नीचे टेबल में दी गई हैं:
| इवेंट | तारीख |
|---|---|
| नामांकन पत्र जमा करना | 16 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 |
| अपील दर्ज करने की आखिरी तारीख | 2 मई 2026 |
| अपील का फैसला | 9 मई 2026 |
| उम्मीदवारों की संशोधित सूची | 10 मई 2026 |
| नाम वापस लेने की आखिरी तारीख | 11 मई 2026 |
| चुनाव चिन्ह का आवंटन | 12 मई 2026 |
| विधानसभा चुनाव (वोटिंग) | 7 जून 2026 |
| स्थानीय निकाय चुनाव | 14 जून 2026 |
Senge Sering ने किन बातों पर सवाल उठाए हैं?
Senge Sering का दावा है कि PoGB के लोग दशकों से बिना किसी संवैधानिक लाभ के केवल ‘तदर्थ’ (ad hoc) राजनीतिक प्रक्रियाओं का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे का बहाना बनाकर स्थानीय लोगों को उनके संवैधानिक अधिकार नहीं दे रहा है।
इसके अलावा उन्होंने चीन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। Sering के मुताबिक, चीन और पाकिस्तान मिलकर विकास और CPEC के नाम पर वहां की जमीन और संसाधनों पर कब्जा कर रहे हैं, जिसमें स्थानीय लोगों को फैसले लेने की प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।
भारत और पाकिस्तान का इस मुद्दे पर क्या स्टैंड है?
भारत सरकार का रुख साफ है कि गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न अंग है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) इन चुनावों को केवल एक ‘दिखावा’ (cosmetic exercise) मानता है, जिसका मकसद पाकिस्तान द्वारा किए गए अवैध कब्जे को छुपाना है।
दूसरी तरफ, पाकिस्तान सरकार ने भारत के इन बयानों को खारिज किया है। पाकिस्तान का कहना है कि कश्मीर एक अंतरराष्ट्रीय विवाद है और वहां की लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं सही तरीके से चल रही हैं। फिलहाल इन चुनावों की जिम्मेदारी मुख्य चुनाव आयुक्त Raja Shahbaz Khan के नेतृत्व में Election Commission of Gilgit-Baltistan (ECGB) संभाल रहा है।




