Kuwait Drone Attack: ईरान और उसके गुर्गों ने कुवैत पर किए ड्रोन हमले, कैबिनेट ने जताया कड़ा विरोध
कुवैत में हाल ही में ईरान और उसके समर्थकों द्वारा ड्रोन हमले किए गए हैं. इन हमलों में कुवैत की कई ज़रूरी जगहों को निशाना बनाया गया जिससे वहां नुकसान हुआ. इस गंभीर मुद्दे पर कुवैत कैबिनेट की एक अहम बैठक हुई, जिसमें ईरान की इस हरकत की कड़ी निंदा की गई और इसे देश की संप्रभुता का बड़ा उल्लंघन बताया गया.
कुवैत कैबिनेट की बैठक में क्या चर्चा हुई?
रक्षा मंत्री Sheikh Abdullah Ali Abdullah Al-Sabah ने कैबिनेट को क्षेत्रीय हालातों और सैन्य स्थिति की पूरी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कुवैत के सशस्त्र बल पूरी तरह से तैयार और अलर्ट पर हैं. प्रधानमंत्री Sheikh Ahmad Al-Abdullah Al-Sabah की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कहा गया कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र (UN) चार्टर का गंभीर उल्लंघन हैं.
हमलों का असर और ईरान का जवाब क्या है?
इन ड्रोन हमलों में Kuwait National Guard के एक साइट को निशाना बनाया गया, जिससे वहां काफी भौतिक नुकसान हुआ है. कुवैत ने मांग की है कि ईरान तुरंत अपनी ये Hostile हरकतें बंद करे और UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करे. वहीं दूसरी तरफ, ईरान के IRGC ने इन सभी आरोपों को नकारा है और कहा है कि उन्होंने कोई हमला नहीं किया है.
हमले और घटनाक्रम की मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| हमले की तारीख | 9 अप्रैल 2026 (गुरुवार शाम) |
| निशाना | कुवैत की महत्वपूर्ण सुविधाएं |
| मुख्य आरोप | संप्रभुता और हवाई क्षेत्र का उल्लंघन |
| संदर्भ | UN सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2817 (2026) |
| वर्तमान स्थिति | 12 अप्रैल तक कोई नया खतरा दर्ज नहीं हुआ |




