Iran Threat Saudi: ईरान ने यनबू पोर्ट पर हमले की दी चेतावनी, अमेरिका और सऊदी के बीच तनाव बढ़ा
ईरान ने सऊदी अरब के यनबू पोर्ट पर हमला करने की धमकी दी है। यह चेतावनी तब आई जब अमेरिका ने ईरान के इलाके में ज़मीनी हमले या होर्मुज़ जलडमरूमध्य की नाकाबंदी की बात की। इस तनाव की वजह से खाड़ी देशों में डर का माहौल है और तेल की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है।
ईरान ने क्या चेतावनी दी है और क्यों
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और उपराष्ट्रपति इस्माइल सगब एसफहानी ने कहा है कि अगर ईरान की ज़मीन पर हमला हुआ तो यनबू पोर्ट और फुजैराह को तबाह कर दिया जाएगा। ईरान ने आम लोगों को भी सलाह दी है कि वे अमेरिकी सेना के पास रहने वाले होटलों और इलाकों से दूर रहें। ईरान का दावा है कि अमेरिकी और इसराइली सेना आम नागरिकों को सुरक्षा ढाल की तरह इस्तेमाल कर रही है।
सऊदी अरब के तेल निर्यात पर क्या खतरा है
वर्तमान में होर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद होने के कारण सऊदी अरब अपना तेल ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के ज़रिए यनबू पोर्ट से भेज रहा है। अब यह पोर्ट सऊदी के लिए तेल भेजने का एकमात्र रास्ता बन गया है। ईरान अब बाब अल-मंडेब जलमार्ग को बंद करने की धमकी दे रहा है, जिससे सऊदी अरब का तेल निर्यात पूरी तरह खतरे में पड़ सकता है।
तनाव से जुड़ी मुख्य घटनाएँ
| तारीख | क्या हुआ |
|---|---|
| 19 मार्च 2026 | यनबू पोर्ट पर तेल लोडिंग फिर से शुरू हुई |
| 27 मार्च 2026 | IRGC ने नागरिकों को अमेरिकी सेना से दूर रहने को कहा |
| 8 अप्रैल 2026 | ईरान ने सऊदी की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हमला किया |
| 12 अप्रैल 2026 | पाइपलाइन और मनीफ़ा फ़ील्ड में उत्पादन बहाल हुआ |
| 13 अप्रैल 2026 | मोहसेन रज़ाई ने कहा कि क्षेत्र का कोई भी पोर्ट सुरक्षित नहीं है |
| 14 अप्रैल 2026 | सऊदी ने अमेरिका से नाकाबंदी हटाने की अपील की |




